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महिला यात्री बबीता को बचाने के लिए चलती ट्रेन में चढ़ा आफताब, ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंसा

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झांसी। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही एक महिला यात्री की जान बचाने के लिए बिहार का युवक आफताब अपनी जान पर खेल गया। महिला को तो उसने सुरक्षित चढ़ा दिया लेकिन ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां मौजूद जीआरपी और यात्रियों ने तत्परता दिखाकर चेन पुलिंग कर ट्रेन को न रुकवाया होता तो युवक की जान भी जा सकती थी।
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समता एक्सप्रेस के एस-7 कोच में बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला मोहम्मद आफताब (26) आगरा से ओडिसा की ओर जा रहा था। इसी कोच में कुछ महिला यात्री भी सवार थीं। जबकि, इन महिला यात्रियों का रिजर्वेशन एस-9 कोच में था। लेकिन, जल्दबाजी में वो गलत कोच एस-7 में सवार हो गईं थीं। ट्रेन के ग्वालियर स्टेशन पर पहुंचने पर महिलाएं एस-7 कोच से उतरकर अपने एस-9 कोच में जाने लगीं। इसी बीच ट्रेन आगे बढ़ने लगीं। बाकी महिलाएं तो चढ़ने में सफल हो गईं, परंतु बबीता नाम की एक महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगी। वह गिरने लगी थी और मदद की गुहार लगा रही थी। इसी दौरान महिला पर एस-7 कोच में बैठे आफताब की नजर पड़ी। उसे लगा कि अब महिला गिर जाएगी तो आफताब अपने कोच से उतरकर चलती ट्रेन में एस-9 कोच की ओर भागा और महिला को पीछे से धक्का देकर कोच के अंदर कर दिया। इसी बीच आफताब का संतुलन बिगड़ गया और गिरकर ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच वाली जगह में फंस गया। इससे उसका पेट रगड़ गया और खून निकलने लगे। आफताब पर प्लेटफार्म पर मौजूद जीआरपी जवानों की नजर पड़ी तो वे उसकी ओर लपके। जवानों ने ट्रेन में सवार यात्रियों से चेन पुलिंग करने को कहा। इससे ट्रेन ठहर गई। घायल आफताब को जीआरपी ने तत्काल ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया। इस घटनाक्रम से गाड़ी 20 मिनट तक खड़ी रही।
मानवता की बड़ी मिसाल
झांसी। बबीता की जान बचाने वाले युवक मोहम्मद आफताब की उसके कोई पहचान नहीं थी। बावजूद, युवक महिला की जान जोखिम में देखकर खुद की जान पर खेल गया। खुद घायल होकर युवक महिला की जान बचाने में कामयाब हो गया। युवक के इस संवेदनशीलता व साहस की सभी ने प्रशंसा की।
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