सैन्य-नागरिक समन्वय सम्मेलन में सांसद ने दिया सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। व्हाइट टाइगर डिवीजन के तत्वावधान में मंगलवार को हुए सैन्य-नागरिक समन्वय सम्मेलन में सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि झांसी और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अक्सर सेना और नागरिक क्षेत्र की सीमा पर आकर अटक जाती हैं। सुझाव दिया कि सेना और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से भूमि के आदान-प्रदान की नीति अपनाए। कई स्थानों पर सेना की भूमि टुकड़ों में बिखरी हुई है, जिससे विकास कार्यों में अड़चन आती है। यदि इन टुकड़ों को चिन्हित कर आपस में समेकित रूप से बदला जाए, तो सड़क, आवास और अन्य विकास योजनाओं को गति मिल सकेगी।
सांसद ने झांसी कैंट से होकर गुजरने वाले ललितपुर राजमार्ग पर ट्रैफिक लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। झांसी-बबीना मार्ग पर फ्लावर डिवाइडर की योजना को भी उन्होंने आवश्यक बताया। इसके अतिरिक्त दो 11 केवी विद्युत लाइनों का स्थानांतरण और बबीना कैंट क्षेत्र में मवेशियों से उत्पन्न खतरे को दूर करने की बात भी उठाई गई।
मेजर जनरल अतुल कुमार भाट ने कहा कि वर्तमान समय में सेना का दृष्टिकोण केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सामुदायिक कल्याण तक फैला हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना हमेशा नागरिक प्रशासन को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में आयुक्त बिमल कुमार दुबे, डीआईजी आकाश कुलहरि, डीएम मृदुल चौधरी, जेडीए वीसी आलोक यादव, नगर आयुक्त सत्य प्रकाश, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह मौजूद रहे।