झांसी। आयकर विभाग की टीमों द्वारा किए गए सर्वे में तीन प्रतिष्ठानों के संचालकों ने सवा तीन करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार की है। सर्वे सोमवार को देर रात तक चलता रहा। तीनों प्रतिष्ठानों के संचालकों को मार्च 2016 तक अघोषित आय की 30.3 प्रतिशत राशि इनकम टैक्स के तौर पर जमा करनी होगी, जो 98,47,500 रुपये होगी।
सोमवार को अपराह्न संयुक्त आयकर आयुक्त उमेश चंद्र भारती के निर्देशन व उपायुक्त एतेशाम अंसारी के नेतृत्व में आयकर टीम ने न्यू रोड स्थित मंगल पाइप व मेडिकल कॉलेज के निकट स्थित श्री जी हास्पिटल का सर्वे किया था। दस्तावेजों के आधार पर मंगल पाइप के संचालक ने 1.5 करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार कर ली। वहीं, श्रीजी हॉस्पिटल के संचालक ने 1.25 करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार की।
एक अन्य टीम ने बबीना स्थित मनोज हैंडलूम (परदों के व्यापारी) पर शाम चार बजे से सर्वे किया था। देर रात तक अभिलेखों में मिले आंकड़ों के आधार पर संचालक ने 50 लाख रुपये की अघोषित संपत्ति स्वीकार कर ली।