झांसी। नवजात बच्ची अब पूरे 11 दिन की हो चुकी है। उसके स्वास्थ्य में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। लेकिन, अफसर अब भी संवेदनहीन बने हुए हैं। पूरे समाज में बच्ची को लेकर संवेदना है और गुनहगारों की पहचान उजागर होने की आवाज उठ रही है, लेकिन जिम्मेदार उदासीन हैं। जांच के आदेश दिए जा चुके हैं लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी जांच अधिकारी के पास आदेश की प्रति तक नहीं पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का रवैया भी बेहद ढुलमुल है। कोई अधिकारी बच्ची को देखने तक नहीं गया। इससे उनकी संवेदनशीलता पता चलता है। जनप्रतिनिधि भी अधिकारियों के रवैये पर पूरी नजर रखे हुए हैं। अमर उजाला से बातचीत में भाजपा विधायकों ने कहा कि यदि जल्द प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज नहीं खंगाले गए तो शासन से शिकायत की जाएगी।
प्रतिदिन अमर उजाला में यह खबर पढ़ रहा हूं। नवजात बच्ची को फेंका जाना बेहद दुखद है। यदि इस प्रकरण की जल्द से जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो शासन स्तर पर मामला ले जाकर जिम्मेदार अधिकारियों की शिकायत की जाएगी। - रवि शर्मा, सदर विधायक।
नवजात बच्ची के प्रकरण में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से बात की जाएगी। जिस स्थान पर बच्ची को फेंका गया है, उसके पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच यदि जल्द शुरू नहीं होती है तो शासन स्तर तक मामले को ले जाया जाएगा। - राजीव सिंह पारीछा, विधायक बबीना।
इस प्रकरण में जिलाधिकारी से बात की है। उन्होंने बताया कि जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। सिटी मजिस्ट्रेट से भी बृहस्पतिवार को फोन पर बात की है। उनसे कहा है कि वह जितनी जल्द हो, सीसीटीवी फुटेज की जांच करें। - जवाहर लाल राजपूत, विधायक।