अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती रोगी के लिए बेवजह बाहर से दवा मंगाने के मामले में प्रधानाचार्य ने सोमवार को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। स्पष्ट कहा है कि शिकायत आने पर बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस पर सतत निगरानी के लिए टीम गठित कर दी है, जो भर्ती रोगियों के तीमारदारों से बात करके हकीकत पता करती रहेगी।
मेडिकल कॉलेज में न सिर्फ भर्ती रोगियों बल्कि ऑपरेशन के दौरान भी तीमारदारों को बाहर से दवा लाने की पर्ची थमा दी जाती है। खास यह कि मेडिकल कॉलेज में सहज मिलने वाली दवाएं तक बाहर से मंगवा ली जाती हैं, जो महंगे दामों पर मिलती हैं। सूत्रों का कहना है कि जिस समय रोगी का ऑपरेशन चल रहा होता है, उस समय बाहर चिंतित बैठे तीमारदारों को पर्ची पर पर्ची थमाकर हजारों रुपये के इंजेक्शन आदि मंगवा लिए जाते हैं। मरीज की गंभीर हालत की वजह से तीमारदार कुछ बोलने की स्थिति में नहीं होते हैं।
इसकी शिकायत मिलने पर सोमवार को प्रधानाचार्य डॉ. मयंक सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। हिदायत दी कि बेवजह किसी भी रोगी के उपचार के लिए दवाएं बाजार से न मंगाई जाएं। ऐसी ही दवा अथवा इंजेक्शन मंगाया जा सकता है, जिससे रोगी की जान बच सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की शिकायत आई तो सीधे संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानाचार्य डाॅ. मयंक सिंह ने बताया कि एसआईसी डॉ. सचिन माहुर के नेतृत्व में टीम बनाई गई है, जो ओटी (ऑपरेशन थियेटर) अथवा वार्डों के आसपास निगरानी रखेगी ताकि बेवजह बाहर से इंजेक्शन न मंगाए जाएं।