अंगूठा से लगाया जोर, मशीन हैक, निकाले रुपये
झांसी। थाना कोतवाली पुलिस के हाथ आए दो शातिर एटीएम हैकर दस सेकेंड के भीतर अंगूठा के सहारे मशीन को हैक कर देते थे। रकम निकालने के बाद रसीद लेकर निकल जाते थे। मशीन हैक होने के दौरान रकम तो निकल आती थी, लेकिन खाते से पैसे नहीं कटते थे। इसके बाद हैकर बैंक में शिकायत दर्ज कराते थे कि रुपये नहीं निकले हैं। इस आधार पर बैंक अपनी कार्रवाई कर संबंधित खाते को अपडेट कर देता था। बदमाशों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने भी एटीएम पर जाकर इस गड़बड़ी को जाना। यह देख पुलिस भी हतप्रभ है। इस संबंध में बैंक अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बदमाशों के और साथियों की तलाश की जा रही है।
कोतवाली के निरीक्षक रवींद्र कुमार त्रिपाठी व नई बस्ती चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार तिवारी ने बुधवार को आंतिया तालाब स्थित बैंक ऑफ बड़ौैदा के एटीएम के अंदर संदिग्ध परिस्थितियोें में कानपुर देहात के थाना सट्टी स्थित महकापुर निवासी रोहित कुमार यादव और लाल सिंह यादव को पकड़ा था। तलाशी लेने पर दोनों के पास से अलग-अलग बैंकों के 55 एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल व बीस हजार रुपये मिले थे। भारी मात्रा में एटीएम कार्ड मिलने पर दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि गिरोह में बीस से अधिक युवक शामिल हैैं। योजनाबद्ध तरीके से वे रकम को एटीएम से निकालते हैं। उन्होंने बैंकों में कई लोगों के खाते खुलवा रखे हैं। लालच देकर एटीएम कार्ड अपने रख लिए हैं। यह कार्ड लेकर वे अलग-अलग एटीएम पर पहुंचते हैं। ग्राहक बनकर लाइन में लगते हैैं। नंबर आने पर एटीएम में कार्ड लगाकर प्रक्रिया पूरी करते हैं। एटीएम से पैसे निकालने से पहले मशीन की शटर को दोनों अंगूठों से दस सेकेंड के लिए जोर से दबाए रखते हैं। इससे मशीन कुछ सेकेंड के लिए हैक हो जाती है। यह प्रक्रिया खत्म होते ही मशीन उतने पैसे निकाल देती है जितने दर्ज किए थे। खास बात यह है कि
एटीएम जो स्लिप निकालती है, उसमें ट्रांजेक्शन अस्वीकार बताया जाता है। ऐसे में रुपये लेकर वे लोग निकल जाते हैं। इसके बाद कॉल सेंटर पर स्लिप नंबर के आधार पर शिकायत दर्ज कराते हैं कि एटीएम से रुपये नहीं निकले। सबूत के तौर पर वे रसीद भी भेज देते हैं। इससे संबंधित एटीएम कार्डधारक के रुपये खाते में जस के जस रहते हैं। चूना मशीन में पैसे लोड करने वाली कंपनी को लगता है। यह लोग यह कारगुजारी कई शहरों में कर चुके थे। लाखों रुपये अब तक निकाल चुके हैं। महानगर में भी कई लोग डेरा डाले हुए हैं, जिनकी धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस बरामद हुए एटीएम कार्ड की मदद से खाताधारकों तक पहुुंचने में भी जुटी हुई है।
बिना गार्ड वाले एटीएम रहते थे निशाने पर
महानगर के कई एटीएम ऐसे हैं, जहां गार्ड तैनात नहीं हैं। इसी का फायदा उठाकर ये लोग घटना को आसानी से अंजाम देकर निकल जाते थे। बताया गया है कि एटीएम कार्र्डों से ठगी करने के बाद यह लोग कुछ रकम खाताधारकों को भी देते थे। गैंग उन्हीं एटीएम को निशाना बनाता था, जहां पर कोई गार्ड न हो।
पकड़े गए दोनों हैकर बड़ी ही सावधानी के साथ घटना को अंजाम देते थे। दोनों के पास से एक डायरी भी मिली, जिसमें प्रतिदिन एटीएम से निकाली गई रकम का उल्लेख, दिनांक व शिकायत नंबर अंकित है। इस डायरी से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिसके बाद पुलिस ने अपनी आगे की पड़ताल शुरू कर दी है।
देवेंद्र कुमार द्विवेदी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक