एसी कोचों में धुआं उठते ही बजेगा अलार्म
झांसी। ट्रेनों के एसी कोचों में जल्द ही फायर डिटेक्शन सिस्टम (अग्नि पहचान प्रणाली) लगाए जाएंगे। इनके लगने से कोच में धुआं उठते ही अलार्म बजने लगेगा। सिगरेट और बीड़ी के धुआं होने पर भी यह अलार्म बजेगा। शुरूआत में मंडल से संचालित ट्रेनों के 45 एसी कोचों में इन्हें लगाया जा रहा है।
ट्रेनों में शॉर्ट सर्किट, जलती सिगरेट, बीड़ी फेंकने समेत कई अन्य तकनीकी कारणों से आग लगने की संभावना बनी रहती है। इस बीच चलती ट्रेन में हवा लगने से आग को उग्र रूप धारण करने में वक्त नहीं लगता है। इससे यात्रियों के जानमाल का नुकसान होने की संभावना तो रहती ही है, साथ ही रेलवे को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान होता है। अगर, आग लगने से जुड़ी सूचना वक्त पर पता लग जाए तो यात्रियों के बीच होने वाले अफरा तफरी के माहौल और अन्य नुकसान को टाला जा सकता है।
रेल प्रशासन अब मंडल से संचालित ट्रेनों के 45 एसी कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम (अग्नि पहचान प्रणाली) लगाने जा रहा है। इस सिस्टम के लगने पर कोच में किसी भी कारण धुआं उठते ही अलार्म बज उठेगा। इससे समय रहते यात्री सजग हो जाएंगे और ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सकेगा। इस सिस्टम को लगाने में एक करोड़ रुपये से अधिक का खर्च होगा।
इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि 45 एसी कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। शुरूआत में उन एसी कोचों में यह सिस्टम लगाया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल रात के सफर में होता है। बाकी कोचों में दूसरे चरण में यह सिस्टम लगाया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है।
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ये ट्रेनें होती हैं संचालित
मंडल से झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस, झांसी - लखनऊ इंटरसिटी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस, झांसी-इटावा एक्सप्रेस, झांसी-इंदौर एक्सप्रेस, उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, झांसी - कानपुर पैसेंजर, झांसी - लखनऊ पैसेंजर, झांसी- खजुराहो पैसेंजर, झांसी- बीना पैसेंजर, झांसी- आगरा पैसेंजर, झांसी- बांदा पैसेंजर, ग्वालियर - आगरा पैसेंजर, झांसी- इटारसी पैसेंजर आदि ट्रेनों का संचालन होता है।