फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनाज घोटाला : एफसीआई और खाद्य विभाग आमने-सामने

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। अनाज घोटाला सामने आने के बाद भारतीय खाद्य निगम एवं खाद्य विभाग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ने में जुट गए हैं। दोनों ही महकमों के बीच लेटर वार शुरू हो गया है। घोटाला उजागर होने के बाद एफसीआई, मंडल प्रबंधक ने पत्र भेजकर खाद्य विभाग पर ही गड़बड़ी करने की आशंका जाहिर की है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक साझा कमेटी भी बनाई जा रही है।
विज्ञापन

डगरवाह स्थित एफसीआई गोदाम में मंगलवार को छापा मारने के दौरान अनाज लदे ट्रकों का वजन कम पाया गया। मौके पर मौजूद एक ट्रक में करीब ही ढाई क्विंटल अनाज कम था। तौल के दौरान गोदामकर्मियों ने खाद्य विभाग की टीम के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उनको बंधक बना लिया। खाद्य विभाग के वरिष्ठ अफसरों की दखल के बाद किसी तरह कर्मचारी छोड़े गए थे।
खाद्य विभाग के अफसरों ने मुख्यालय को शिकायती पत्र भेजते हुए डगरवाह गोदाम को संदिग्ध बताया। इसके बाद गोदाम संचालक के समर्थन में एफसीआई के अफसर उतर आए। मंडल प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह ने संभागीय खाद्य नियंत्रक को पत्र लिखकर जिला खाद्य विपणन अधिकारी के आरोपों को नकारते हुए कहा अनाज निकासी का काम खाद्य विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारियों की मौजूदगी में ही होता है। इसकी प्रत्येक स्तर पर निगरानी होती है। मंडल प्रबंधक ने गड़बड़ी के पीछे खाद्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों पर ही मिलीभगत होने की आशंका भी जाहिर की। उनकी ओर से प्रबंधक वाणिज्य अजय गुप्ता एवं प्रबंधक गुणवत्ता राजेश सिंह को नामित करते हुए जांच कमेटी भी गठित कर दी। अफसरोें के बीच लेटर वारछिड़ने से विवाद आगे बढ़ना तय है। बता दें, इसके पहले जिला विपणन अधिकारी ने भी संभागीय खाद्य नियंत्रक को पत्र लिखकर एफसीआई अफसरों पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर चुके हैं।
विज्ञापन

गोदाम प्रबंधक समेत कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
झांसी। जांच के दौरान गोदाम पहुंचे कर्मचारियों के साथ मारपीट करने एवं बंधक बनाए जाने के आरोप में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी घनश्याम दास ने पीईजी, डागरवाहा के प्रबंधक हरिवंश भूषण को नामजद करते हुए कई अन्य अज्ञात के खिलाफ रक्सा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी घनश्याम ने पुलिस को बताया कि उनके साथ 9 नवंबर को कर्मचारी गोदाम गए थे। इस दौरान खाद्यन्न उठाने के दौरान माल कम देने पर कांटा कराने को कहा गया। पड़ताल के दौरान कुल 2.50.670 क्विंटल अनाज कम मिला। इसके बाद गोदाम प्रबंधक हरिवंश ने दुर्व्यवहार करते हुए उनकी टीम को बंधक बना लिया। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
पीएम गरीब कल्याण योजना का हो रहा था उठान
अनाज घोटाला जब उजागर हुआ उस समय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्धनों में वितरित होने वाले खाद्यान्न का उठान चल रहा था। डगरवाहा गोदाम में जीरो पीवी के दौरान एक ट्रक में 600 बोरी 305.99 क्विंटल के सापेक्ष 303.48 क्विंटल अनाज ही पाया गया। एक ट्रक में करीब 2.50 क्विंटल अनाज कम मिला। गोदाम से रोजाना करीब बीस ट्रक अनाज बाहर निकलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें