अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शुक्रवार सुबह बड़ागांव के पाली गांव निवासी युवक ने खेत में तमंचे से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। पिछले तीन साल से वह कैंसर पीड़ित था। परिजन का कहना है कि उपचार में फायदा न होने पर वह हताश हो गया था। इस वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया है।
पाली गांव निवासी सोबरन यादव (42) पुत्र नाथूराम परिवार के पालन-पोषण के लिए खेती करता था। परिजन के मुताबिक, करीब तीन साल पहले उसे मुंह का कैंसर हो गया। उसका झांसी समेत लखनऊ और मुंबई में इलाज कराया गया। दो बार ऑपरेशन हुआ, लेकिन आराम नहीं मिला। ऑपरेशन के बाद उनको दर्द रहने लगा। लाखों रुपये इलाज में खर्च भी हो चुका था। करीब तीन बीघा जमीन भी बेच दी। उपचार में फायदा न होने से वह परेशान हो गया। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वह अपने खेत पर गया था। उसी दौरान उसने खुद को तमंचे से गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जब पहुंचे, वह खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। गोली सिर से निकलकर आरपार हो गई थी। सूचना पर बड़ागांव पुलिस भी पहुंच गई। परिवार में बेटी और बेटा है। बेटी की वह शादी कर चुका था। पत्नी गीता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह के मुताबिक, युवक को तमंचा कहां से मिला, इसका पता नहीं चला है।ए