अमर उजाला ब्यूरो /संवाद
झांसी /दतिया। रक्सा थाना के पुरावली रोड निवासी मनीष कुमार पर एंटी करप्शन विभाग का फर्जी डीआईजी बनकर दतिया निवासी सराफा कारोबारी से 80 लाख रुपये ठगने के आरोप में शुक्रवार को दूसरी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शातिर जालसाज मनीष ठगी के आरोप में कुछ दिनों पहले ही दतिया में गिरफ्तार हुआ था। झांसी में भी कई सराफा कारोबारियों को वह निशाना बना चुका। पुलिस ठगी के दूसरे मामले भी तलाश रही है।
दतिया के भटियारा मोहल्ला निवासी अरविंद अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि एके गुप्ता नामक व्यक्ति से उनके बड़े भाई ने पहचान कराई थी। कुछ समय बाद एके गुप्ता ने उनके परिवार पर रुपये और सोने का बकाया होने की बात कहते हुए वापस करने का दबाव बनाया। सोना वापस न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद अक्तूबर 2024 में उसने मनीष कुमार नामक व्यक्ति को उनकी दुकान पर भेजा। मनीष काली वर्दी पहनकर आया और खुद को भारत सरकार की एंटी करप्शन फोर्स का डीआईजी बताने लगा। आरोप है दोनों ने मिलकर उसे धमकाया। कई सारे मामले बताकर आरोपियों ने उससे 80 लाख रुपये वसूल लिए। सराफा कारोबारी प्रियांश सिंघल से भी 29 लाख रुपये मनीष इसी तरह से ठग चुका था। इस मामले में कुछ दिन पहले दतिया पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। यह मामला सामने आने के बाद अरविंद अग्रवाल ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मनीष से पूछताछ में मालूम चला कि एंटी करप्शन विभाग का अधिकारी बनकर वह पहले भी कई लोगों को चपत लगा चुका। इनमें कई झांसी के भी कारोबारी हैं। शुक्रवार को दतिया पुलिस ने रक्सा में भी आकर पूछताछ की थी। दतिया कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र मिश्रा के मुताबिक तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।