संवाद न्यूज एजेंसी
गुरसराय। ग्राम अड़जरा में हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा का सुदामा चरित्र की कथा के साथ सोमवार को समापन हुआ। कथा के अंतिम दिवस भगवताचार्य सुदामा दास महाराज ने
भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही है, जो विपत्ति में अपने मित्र का साथ दे। भगवान ने सुदामा जी को द्वारिका जैसा वैभव प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कलयुग में हरी नाम संकीर्तन ही मुक्ति का सरल साधन है। भक्ति और ज्ञान मार्ग से भगवान की प्राप्ति की साधना करनी चाहिए। इसमें भक्ति मार्ग सरल उपाय है। संगीतमय कथा में ऑर्गन पर प्रमोद गोस्वामी और नाल पर देवेंद्र घोष ने संगत दी। कथा की आरती परीक्षित गायत्री देवी और खेर इंटर कॉलेज के क्रीड़ाध्यक्ष विनोद कुमार ने की। इस मौके पर नारायण दास पटेल, भानुप्रताप पटेल, नेपाल सिंह, राम सिंह, निहाल सिंह आदि उपस्थित रहे।