भूजल स्तर गिरने से इलाके के ज्यादातर हैंडपंप सूखे
पाइप लाइन से रोजाना सुबह एक घंटे ही मिल रहा पानी
प्वाइंटर
सबमर्सिबल भी सुबह ही देते हैं एक से दो घंटे पानी
नहाने और कपड़े धोने के लिए नहीं है पर्याप्त पानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे करगुवां की पहाड़ियों पर कैमासन देवी का मंदिर है, जिसके आसपास करीब 15 हजार की आबादी गर्मी के मौसम में हर साल पानी का संकट झेलती है। अप्रैल के महीने में ही इलाके में पानी का संकट गहरा गया है। भूजल स्तर गिरने से सड़कों पर लगे अधिकांश हैंडपंप सूख चुके हैं। निचली पहाड़ियों पर लगे कुछ हैंडपंप सुबह करीब एक घंटे तक पानी देते हैं, लेकिन धूप निकलते ही इनमें पानी आना बंद हो जाता है। साढ़े 300 फुट गहरे लगे सबमर्सिबल भी सुबह एक से दो घंटे पानी देते हैं। ऐसी स्थिति में लोग पीने के पानी का ही इंतजाम कर पाते हैं, लेकिन नहाने और कपड़े धोने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता।
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500 रुपये में खरीदते हैं एक टैंकर पानी
पानी का संकट झेल रहे करगुवां क्षेत्र के लोगों का कहना है कि 500 रुपये में एक टैंकर पानी खरीदना पड़ता है। कभी-कभी काफी प्रयास के बाद भी टैंकर नहीं मिलते जिससे काफी गंभीर स्थिति हो जाती है। उन्होेंने प्रशासन से गर्मी के मौसम में इस इलाके में पानी के टैंकर भेजने की मांग की है।
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पेयजल सप्लाई का सिस्टम ठीक नहीं
करीब एक साल पहले करगुवां की पहाड़ी पर टंकी का निर्माण कराया गया था, घरों तक पाइप लाइन बिछाई गईं। घर ऊंचाई पर होने के कारण पाइप लाइन से पानी नहीं पहुंचता। इसलिए जहां तक पानी आ रहा है वहां से लोग पानी ढोकर घरों तक ले जाते हैं। लोगों का कहना है कि सप्लाई का सिस्टम ठीक नहीं है। टंकी से आ रही लाइन को ऊंची-नीची पहाड़ियों में ठीक प्रकार से सेट नहीं किया गया है, जिस कारण यह समस्या है।
बोले लोग -
गर्मी जैसे-जैसे बढ़ रही है, करगुवां क्षेत्र में पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। सबमर्सिबल भी पर्याप्त पानी नहीं दे रहे। प्रशासन को टैंकर की व्यवस्था करनी चाहिए।
- बाबू लाल वर्मा, रिटायर्ड पुलिसकर्मी
घर के सामने लगा हैंडपंप सूख चुका है। पाइप लाइन से पानी घरों तक नहीं पहुंचता। सुबह एक घंटा ही लाइन में पानी आता है, जिससे पूूर्ति नहीं हो पाती है।
- शांति देवी, निवासी करगुवां
गर्मी के मौसम में यहां टैंकर से ही आपूर्ति की जा सकती है। इसलिए प्रशासन टैंकर भेजने की व्यवस्था करे या पाइप लाइन का सिस्टम ठीक कराए, जिससे पानी मिल सके।
- घनेंद्र कुशवाहा, निवासी करगुवां
गर्मी के तीन महीने करगुवां क्षेत्र के लिए कठिन रहते हैं। एक साथ पानी का संकट गहरा गया है। पेयजल आपूर्ति का ठीक सिस्टम न बनने के कारण समस्या बनी हुई है।
- रामसखी, निवासी करगुवां
घर के सामने लगा हैंडपंप सूख चुका है। किसी तरह सबमर्सिबल के पानी से काम चलाते हैं, लेकिन सुबह एक-दो घंटे ही पानी मिलता है, दोपहर में पानी नहीं आता।
- केएम लाल श्रीवास्तव, निवासी कैमासन पुरम
बयान
जिन इलाकों में पानी की समस्या है वहां टैंकर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान