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Jhansi News: फसल बीमा की राशि नहीं मिलने पर बीमा कंपनी पर लगाया दस हजार का जुर्माना

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- संपूर्ण राशि पर सात फीसदी ब्याज भी देने के आदेश दिए
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संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। थाना मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम सिंदवाहा निवासी किसान को किसान क्रेडिट कार्ड में खरीफ की क्षति हुई फसल की बीमा की राशि नहीं देने पर उपभोक्ता फोरम ने बैंक को किसान की संपूर्ण बीमा राशि सात प्रतिशत ब्याज समेत देने के आदेश दिए। साथ ही बैंक पर दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
थाना मड़ावरा के ग्राम सिंदवाहा निवासी शिशुपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक वाद दाखिल किया, जिसमें उसने बताया कि उसने पंजाब नेशनल बैंक शाखा मड़ावरा में अपनी आराजी बंधक करके केसीसी कटवाया था, जिसका खाता खोला गया है। खरीफ 2019 फसल बीमा के लिए प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत पंजाब नेशल बैंक शाखा मड़ावरा में उसके उक्त खेत से 21 जुलाई 2019 को 3258.37 रुपये की किस्त धनराशि निकालकर बीमा कंपनी द इंश्योरेंस ऑरिंटल कंपनी के नई दिल्ली, दि ओ.बै.कं. लि. चिनहट लखनऊ और दि ओ.इ.क.लि. ललितपुर के कार्यालय को प्रेषित किया। उसने अपनी आराजी में वर्ष 2019 में खरीफ की फसल उड़द बोयी थी।
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दैवी आपदा अतिवृष्टि के कारण अन्य कृषकों के साथ उसकी उक्त फसल खराब हो गई। उसने गांव के अन्य काश्तकारों के साथ-साथ फसल नुकसान की धनराशि के भुगतान के लिए कंपनियों व बैंक को आवेदन किए, जिस पर कंपनी व बैंक ने उसे खाते में 18 अप्रैल 2020 को 2124 रुपये और 6 जुलाई 2020 को 4467 रुपये उसके खाते में जमा किए गए। जबकि उसके फसल की कुल बीमा राशि 1,62,250 रुपये है। कंपनी व बैंक द्वारा उसकी फसल की क्षति की बीमा राशि परिवाद के खाते में जमा नहीं किया गया, जिसके लिए उसने बैंक व कंपनियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में मामले को स्वीकार करते हुए सुनवाई की और इस मामले में कंपनी को आदेश दिए कि परिवादी को फसल खरीफ वर्ष 2019 के क्षति की शेष राशि 1,19,314 रुपये 45 दिन के अंदर अदा करें और यह भी आदेश दिया कि यह धनराशि परिवाद दाखिल करने की तिथि 27 फरवरी 2021 से सात फीसदी वार्षिक ब्याज भी अदा करें। इसके अतिरिक्त परिवादी को मानसिक कष्ट, पीड़ा, नोटिस एवं वाद व्यय के लिए कंपनियों पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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