इस अवसर पर ‘अमर उजाला’ की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें मानों पूरा नगर उमड़ पड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को झांसी में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और राजा श्रीमंत गंगाधर राव नेवालकर की शादी की 180 वीं सालगिरह की धूम रही। इस अवसर पर ‘अमर उजाला’ की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें मानों पूरा नगर उमड़ पड़ा।
जनप्रतिनिधि, पुलिस-प्रशासन के अफसर, व्यापारी, विद्यार्थियों समेत आयोजन में जन सामान्य की भारी संख्या में सहभागिता रही। हर ओर राजा-रानी के जयघोष के उद्घोष सुनाई देते रहे। यात्रा के बाद प्राचीन गणेश मंदिर में विवाह की प्रतीकात्मक रस्में हुईं। बरात की भव्यता को देख बुंदेली बोली में बरबस ही लोगों के मुंह निकल पड़ा, सजी बरात बाजने बाजे नइयां कौनऊं सानी जू, मौर धरैं गंगाधर राजा, बनीं दुलइया रानी जू।
श्री लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के प्रांगण से शुरू हुई शोभा यात्रा नगर भ्रमण करती हुई गणेश मंदिर पहुंची। यात्रा में बग्घी पर सवार होकर राजा-रानी के स्वरूप चल रहे थे, जबकि घोड़ों पर रानी के सिपहसलारों के स्वरूप विराजमान थे। डीजे बैंड से देश भक्ति के तराने गूंज रहे थे। विद्यालयों के बैंड भी कदमताल करते हुए आगे बढ़ रहे थे। हर कोई शोभायात्रा का सहभागी बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
यात्रा में बुंदेली और महाराष्ट्रीय संस्कृति की झलक देखने को मिल रही थी। शहर के लोगों में यात्रा का स्वागत करने की होड़ सी लगी हुई थी। पूरे यात्रा मार्ग में पुष्पवर्षा होती रही। लोगों ने जगह-जगह राजा-रानी के स्वरूपों का तिलक कर आरती उतारी। रानी के विवाह स्थल प्राचीन गणेश मंदिर पहुंचने पर शहनाई और रमतूलों की गूंज के बीच राजा-रानी का प्रतीकात्मक पाणिग्रहण संस्कार हुआ। इसके बाद दोनों को मंच पर विराजमान किया गया। देर शाम तक लोग स्वरूपों के साथ सेल्फी लेेते रहे। पारंपरिक बुंदेली और मराठी बधाई गीत भी खूब गाए गए।