संवाद न्यूज एजेंसी
समथर। गोवंशों की मौत के मामले में समथर थाने में ग्राम प्रधान और उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
सितंबर 2023 में समथर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बहादुरपुर द्वारा संचालित गोशाला में गोबर के ढेर में गोवंश के कंकाल दबे होने का मामला सामने आया था। इस मामले में समथर निवासी अशोक कुमार ने 22 अक्तूबर 2023 को न्यायालय एसीजेएम झांसी में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसके जरिये बताया था कि ग्राम पंचायत बहादुरपुर प्रधान द्वारा संचालित गोशाला में गायों को चारा नहीं दिया जाता है, जिससे गोवंश भूखों मर रहा है। 17 सितंबर को गोशाला से दुर्गंध आने पर वह कुछ किसानों के साथ गोशाला पहुंचा था। वहां गोबर के ढेर से दुर्गंध आ रही थी। गोवंश के अस्थि अवशेष भी दिख रहे थे। वहां मौजूद प्रधान के पुत्र से लापरवाही की बात कहने पर उसने गाली-गलौज कर भगा दिया था। सूचना पर मौके पहुंची पुलिस ने नगर पालिका की जेसीबी से गोबर के ढेर में दबे गोवंश और कंकालों को निकाला था। इसके बाद उन्हें दफनाया गया था। हालांकि, एसीजेएम न्यायालय ने दायर वाद निरस्त कर दिया था। इसके बाद जिला न्यायालय से क्रिमिनल रिविजन भी निरस्त हो गया था। इसके बाद उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। 14 मई 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश पर न्यायालय एसीजेएम झांसी ने दावे पर सुनवाई करते हुए थानाध्यक्ष समथर को समुचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया।
न्यायालय के आदेश पर समथर थाना पुलिस ने ग्राम पंचायत बहादुरपुर के प्रधान अमर सिंह व प्रधान के पुत्र कोक सिंह के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।