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ट्रेन में एक- एक सीट पाने को मशक्कत

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Jhansi
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झांसी। आरक्षण कार्यालय में शुक्रवार को सुबह से ही तत्काल टिकट के लिए मारामारी मची रही। सभी काउंटरों पर लंबी- लंबी कतारें लगीं थी। इस दौरान कई बार यात्रियों के बीच झड़प व धक्का मुक्की भी हुई।
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दीपावली के बाद दूसरे शहरों में काम करने वाले लोगों ने लौटना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को लौटने वालों में सबसे अधिक बाहर अध्ययनरत छात्र शामिल थे। पहले से आरक्षण नहीं मिल पाने के कारण इनमें तत्काल टिकट पर एक बर्थ पाने के लिए मारामारी मची थी। शुक्रवार को सुबह साढ़े सात बजे आरक्षण कार्यालय का दरवाजा खुलते ही खिड़कियों पर कतार में लगने के लिए भागमभाग मच गई। इनमें कुछ ऐसे भी यात्री थे, जो आए तो घंटों पहले थे, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण पीछे रह गए। लंबी- लंबी कतारें लगने के बाद बाबुओं के पास काम नहीं था। कतार में लगे लोग दस बजने का इंतजार कर रहे थे। दस बजे तत्काल आरक्षण शुरू होते ही हर यात्री खिड़की पर बढ़ने की कोशिश में जुटा रहा। इस कारण यात्रियों में धक्का मुक्की शुरू हो गई, जिससे उनके बीच कई बार झड़प भी हुई। कुछ ही समय में अधिकांश ट्रेनों में तत्काल टिकट का कोटा खत्म हो गया। इस कारण तड़के पहुंचकर कतार में लगे दर्जनों यात्रियों को मायूस लौटना पड़ा।
शुक्रवार को तत्काल टिकट के लिए सबसे अधिक अप रेल मार्ग की झेलम एक्सप्रेस, लखनऊ पुणे एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, उद्योग नगरी एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, गरीब रथ, ग्वालियर- बरौनी मेल, कर्नाटका एक्सप्रेस व डाउन रेल मार्ग की शताब्दी एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, पंजाब मेल, पुष्पक एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति, भोपाल- लखनऊ एक्सप्रेस आदि में मारामारी रही।
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वहीं, ट्रेनों में आरक्षण के लिए मिलने वाला इमरजेंसी कोटा रेल प्रशासन के लिए शुक्रवार को भी जी का जंजाल बना रहा। स्पेशल कोटे से बर्थ पाने लिए दिन भर मारामारी मची रही। इनमें अधिकतर रेलवे के सीनियर अफसर व वीआईपी शामिल थे। इस कारण कोटा देने वाले अफसर को फूंक- फूंक कर कदम रखना पड़ा।
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