ललितपुर। बिजली विभाग की गलती का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। विद्युत विभाग में तकनीकी कमियों के कारण उपभोक्ता को लाखों रुपये का बिल थमाया जा रहा है। इसके अलावा उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये का बकाया दर्शाया जा रहा है। एक उपभोक्ता को 87.16 लाख रुपये का बिल थमाए जाने से वह परेशान है और बिजली विभाग के चक्कर लगा रहा है।
विद्युत विभाग द्वारा शहर में 24 हजार घरेलू, 3,500 कॉमर्शियल, 90 पावर व अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं की हर माह बिलिंग की जाती है। घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की विद्युत बिलिंग का जिम्मा कार्यदाई संस्था को सौंपा गया है। संस्था के कर्मचारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं के मीटरों से रीडिंग लेकर बिल बनाकर उपभोक्ताओं को सौंपते हैं।
मीटर रीडर या फिर विभाग की तकनीकि गड़बड़ी के कारण आए दिन उपभोक्ताओं के बिलों में गड़बड़ी हो रही है। मीटर रीडरों द्वारा कुछ महीनों तक लगातार फिक्स यूूनिट का बिल बनाए जाने के कारण उपभोक्ताओं के बिल हाई सीलिंग के बनने लगते हैं। फिर उपभोक्ता विभाग के चक्कर लगाने शुरू कर देते हैं। यदि विभाग द्वारा बिलों में संशोधन नहीं किया जाता है, तो उपभोक्ताओं का बिल फिक्स यूूनिट के हिसाब से बनता रहता है।
एक मामले में उपभोक्ता का बिल लाखों रुपये का बना दिया गया है। शहर के मुहल्ला सरदारपुरा निवासी मनीष ने उपखंड अधिकारी कार्यालय में शिकायत करते हुए बताया कि विद्युत विभाग द्वारा उसे एक साल का 87,16, 814 रुपये का बिल दे दिया गया है। कई बार समस्या निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों व लिपिकों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुए है।
विद्युत कर्मियों द्वारा कभी मीटर के कागज तो कभी अन्य दस्तावेज दिखाने को लेकर इधर से उधर टरकाया जा रहा है और न ही समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। पीड़ित ने विद्युत विभाग पर मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने समस्या का शीघ्र निस्तारण किए जाने का आश्वासन दिया है।
यदि विभाग की ऐसी तकनीकी खराबी का आंकलन किया जाए तो ऐसे और भी कई बिलों पर हजारों या फिर लाखों रुपये अधिक दर्शाए जा रहे हैं, जिससे विभाग का करोड़ों रुपये बकाया के रूप के दर्शाए जा रहे हैं। यही वजह है कि विद्युत विभाग द्वारा हर माह लाखों रुपये वसूली करने के बाद भी करोड़ों रुपये बकाया बना रहता है।
इनका कहना है-
तकनीकि खराबी के कारण यह विद्युत बिल लाखों रुपये में पहुंच गया है। पीड़ित का विद्युत बिल का निस्तारण दूर कर संशोधन किया जाएगा।
- अखिलेश कुमार वर्मा
उपखंड अधिकारी प्रथम