झांसी। कोरोना के 2195 नमूनों की जांच हुई, जिसमें 116 पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा एक महिला की मौत भी हुई है। वहीं, 58 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।
काली माई मुहल्ला निवासी 85 वर्षीय महिला की इस महामारी की चपेट में आने से मौत हो गई। महिला को बुखार, कफ और सांस लेने में परेशानी होने पर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया था। महिला पहले से डायबिटीज से भी ग्रसित थी। वहीं, नए मरीज रॉयल सिटी, सिविल लाइन मनु विहार, बबीना, भेल, मिशन कंपाउंड, सिविल लाइन, लक्ष्मीगेट, नई बस्ती खाई मुहल्ला, खातीबाबा, गुमनावारा पिछोर, आईटीआई कैंपस, शांति भवन, चिरगांव, इस्लाम गंज, गुसाईंपुरा,
बंगलाघाट, नगरा, रस विहार, पंचकुइयां माता मंदिर के पास, मेन रोड हंसारी, आरा मशीन, शास्त्री नगर बबीना, सराफा बाजार, बिजौली, सुभाष गंज, दीनदयाल नगर, ओम शांति नगर, दिगारा, भट्टागांव, छुट्टन का बगीचा, उन्नाव गेट बाहर, लक्ष्मी गेट बाहर, चंद्रशेखर आजाद, केके पुरी कॉलोनी, सतीश नगर, वन विभाग कॉलोनी बबीना आदि इलाकों से सामने आए हैं। एसीएमओ भी पॉजिटिव पाए गए थे, जिससे सोमवार को सीएमओ ऑफिस को बंद रखा गया और यहां सेनिटाइजेशन का काम चलता रहा। विदित हो कि जिले में अब तक कोरोना के 5,826 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 4,203 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। जिले का रिकवरी रेट 80.10 प्रतिशत है। वहीं, अब तक 115 संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है।
मृतक का नहीं हो पाया पोस्टमार्टम
झांसी। कैलाश रेजीडेंसी निवासी संतोष नगरिया के पुत्र पंकज गुप्ता (44) और विशाल गुप्ता (38) कोरोना संक्रमित थे। दोनों का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। 9 सितंबर की रात पंकज की मौत हो गई थी। जबकि, बीते रोज रविवार की सुबह विशाल ने दम तोड़ दिया। विशाल की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके चलते एम्स की टीम पुलिस की निगरानी में विशाल के शव को ले गई थी। शव का सोमवार को पोस्टमार्टम होना था। इससे पहले कोरोना की जांच हुई, जो पॉजिटिव आई, जिससे पोस्टमार्टम नहीं किया गया। अब मृतक को दी गईं दवाओं के पर्चे व अन्य माध्यमों से आरोपों की जांच की जाएगी। वहीं, कोरोना संक्रमित बिल्डर विनोद सोनी का शव सोमवार को झांसी लाया गया। यहां श्यामचौपड़ा मुक्तिधाम पर मृतक के पुत्र ने पीपीई किट पहनकर मुखाग्नि दी।