झांसी। ई टिकट के एजेंट लगातार रेलवे और यात्रियों को चोट दे रहे हैं। होली पर जब यात्रियों को अपने-अपने घर जाना है तब इन दलालों की करतूत के चलते 800 से अधिक टिकट आईआरसीटीसी ने निरस्त कर दिए हैं। यही नहीं, इन यात्रियों के पचास लाख से अधिक रुपये भी इन दलालों के पास ही हैं। आरपीएफ ने पिछले छह महीने में मंडल के अलग- अलग स्थानों पर अभियान चलाकर 53 ई टिकट के अवैध कारोबारी पकड़े। यह सभी आईआरसीटीसी के एजेंट हैं, लेकिन दूसरी पर्सनल आईडी पर टिकट बना रहे थे।
ट्रेनों के पचास फीसदी से अधिक आरक्षित टिकट अब भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की ऑनलाइन साइट पर बनने लगे हैं। वैसे एक व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत आईडी पर एक महीने में अधिकतम छह टिकट बना सकता है। यह टिकट परिवार के सदस्य या सगे संबंधियों के ही होने चाहिए। दूसरा, व्यावसायिक रूप से आईआरसीटीसी का लाइसेंस (आईडी) लेकर टिकट बना सकते हैं। मगर, जिस हिसाब से लोगों ने आईआरसीटीसी का लाइसेंस ले रखा है, उस हिसाब से कमीशन आईआरसीटीसी को नहीं मिल रहा है। पता लगा कि लाइसेंसी एजेंटों ने व्यक्तिगत आईडी पर टिकट बनाना शुरू कर दिया है। इससे खिड़की तक पर तत्काल के टिकट नहीं बन पा रहे हैं। जबकि, ऑनलाइन टिकट धड़ाधड़ बन रहे हैं।
इस तरह हुआ खुलासा
इस गोरखधंधे का पता लगाने के लिए आरपीएफ ने वृहद स्तर पर अभियान चलाया। आईआरसीटीसी ने झांसी रेल मंडल को 850 आईडी जांच के लिए उपलब्ध कराईं, जिनमें व्यक्तिगत आईडी पर टिकट बनाए जा रहे हैं। अभी तक 298 आईडी ब्लाक हो चुकी हैं। आरपीएफ ने पिछले चार महीने में झांसी, उरई, ग्वालियर, मुरैना, ललितपुर, मऊरानीपुर, छतरपुर, बांदा, महोबा, चित्रकूट, गुरसराय, चिरगांव आदि क्षेत्र से 53 ई टिकट दलालों को पकड़ा गया। इन दलालों के पास से 800 से अधिक आगामी तिथियों के टिकट बरामद किए, जो 50 लाख रुपये से अधिक के बने थे। आरपीएफ ने आईआरसीटीसी की मदद से इन सभी टिकटों को ब्लॉक करा दिया है।
दलालों से ही वसूलनी होगी रकम
अब संबंधित यात्री उस टिकट का इस्तेमाल यात्रा के दौरान नहीं कर सकेंगे। न ही आईआरसीटीसी अब उन लोगों को किराया वापस करेगी। यह रकम यात्रियों को टिकट दलाल से ही वसूल करनी होगी।
- आईआरसीटीसी को मेल भेजकर बरामद सभी टिकटों को निरस्त करा दिया गया है। जिन लोगों के टिकट थे, उनको अब टिकट दलाल से ही रुपये वसूलने होंगे। टिकट दलालों की आईडी भी ब्लॉक हो गई है। अगर वे अब दोबारा व्यवसाय करते हैं तो उनको नए सिरे से आईआरसीटीसी से लाइसेंस लेकर आईडी बनवानी होगी। यह अभियान अभी लगातार जारी रहेगा।
उमाकांत तिवारी, आरपीएफ कमांडेंट।
तीन दिन में पकड़े 39 ई टिकट दलाल
होली के मद्देनजर आरपीएफ के सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त रवींद्र वर्मा के निर्देश पर तीन मार्च से पांच मार्च तक उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद, झांसी और आगरा मंडल में चलाए गए अभियान के दौरान 39 ई टिकट दलालों को पकड़ा गया। इसमें झांसी मंडल के 16 दलाल शामिल हैं।