झांसी। दिल्ली और मध्य प्रदेश में हाल ही में हुईं सांप्रदायिक दंगों की घटनाओं व आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस अमला सतर्क है। पुलिस का खुफिया तंत्र हर गतिविधि की टोह लेने में जुटा हुआ है। इसके अलावा आईटी सेल सोशल मीडिया की निगरानी कर रहा है। मंडल के तीनों जिलों के 790 व्हाट्सएप ग्रुप रडार पर हैं। इसके अलावा एक हजार फेसबुक अकाउंट पर भी नजर रखी जा रही है। आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट भारी पड़ सकती है।
सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली घटनाओं में सोशल मीडिया पर प्रचारित होने वाले भ्रामक संदेशों की बड़ी भूमिका सामने आती है। सोशल मीडिया पर छोटी-छोटी घटनाओं को तूल देकर बढ़ा-चढ़ाकर आगे बढ़ा दिया जाता है। यही वजह है कि पुलिस की ओर से सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी की जा रही है। झांसी जिले के 325, ललितपुर के 135 और जालौन के 230 व्हाट्सएप ग्रुप रडार पर हैं। ग्रुप पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले के साथ-साथ ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में मोंठ में इस तरह के एक मामले में तीन लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा तीनों जिलों के एक हजार फेसबुक अकाउंटों पर भी डाली जाने वाली पोस्टों पर नजर रखी जा रही है।
तीनों जिलों के पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। समाज का माहौल खराब करने वाली पोस्ट करने वाले खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मामले में पुलिस खासी सतर्कता बरत रही है।
- जोगेंदर कुमार, डीआईजी
पुलिस को दें सूचना
झांसी। सोशल मीडिया पर यदि कोई आपत्तिजनक पोस्ट आपके सामने आए तो इसकी सूचना पुलिस को दें। ये सूचना पुलिस के मीडिया सेल के नंबर 94544 57645 पर दी जा सकती है। पुलिस की ओर से सभी ग्रुप एडमिन से अनुरोध किया गया है कि वे ग्रुप में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट न होने दें। बावजूद, कोई पोस्ट करता है तो सूचना उक्त नंबर पर दें।