कर्ज में डूबे किसानों के बैंक खातों से एक लाख रुपये माफ करने की प्रदेश सरकार की योजना का लाभ जिले के 5084 किसानों को मिल चुका है। यह लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जा रहा है, जिनके पास आधार कार्ड नंबर है। इन किसानों के एक-एक लाख रुपये माफ कर दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने फसल ऋण मोचन योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया था लेकिन बड़े बकाएदारों को इससे कोई लाभ नहीं मिला था। बार-बार मांग होने पर शासन ने घोषणा की थी कि ऐसे बैंक के बकाएदार किसान, जिन्होंने बैंकों से कर्ज लिया लेकिन चुकाया नहीं। ऐसे बकाएदार किसानों के बकाया पैसे को बैंक ने नॉन परफॉरमेंस एसेट (एनपीए) के अंतर्गत डाल दिया था। यानी बैंक ने यह माना था कि यह पैसा डूब गया है, इसलिए इसे एनपीए (बट्टे खाते) में डाल दिया। शासन ने किसानों की कर्ज माफी की लेकिन इसमें इन बकाएदार किसानों को शामिल नहीं किया। बार-बार मांग करने पर शासन ने किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की लेकिन इसमें शर्त लगा दी कि उन्हीं किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा, जो एक लाख रुपये कर्ज माफ होने के बाद बकाया पैसा बैंक में जमा कर देंगे।
जिला सहकारी बैंक ने रिकार्ड खंगाला तो 11,300 किसानों पर 12 करोड़ रुपये बकाया था। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी किसानों का एनपीए कर्ज माफ करने की सहमति दे दी। कर्ज माफी में 75 हजार रुपये सरकार और 25 हजार रुपये बैंक ने सहयोग करने को कहा।
योजना में किसानों ने रुचि दिखाई और अब तक 5084 किसानों को इसका लाभ मिल चुका है। जिन किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिला है, उनमें से अधिकांश किसानों पर 1.33 लाख रुपये कर्ज था। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है लेकिन योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जा रहा है, जिन्होंने आधार कार्ड के साथ दस्तावेज जमा किए हैं। बैंक बिना आधार कार्ड नंबर के कोई भी कागज स्वीकार नहीं कर रहा है।