अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में भले ही 500 बेड का अस्पताल बनकर तैयार हो गया है मगर सितंबर तक इसके चालू होने की उम्मीद नहीं है। भूतल हैंडओवर होने के बाद कॉलेज प्रशासन एक माह में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का दावा कर रहा है, लेकिन अभी तक जीवनरक्षक उपकरण खरीदने के लिए शासन से 24 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। फिर से शासन को बजट का प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है।
अब क्रमबद्ध तरीके से हर मंजिल हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब आठ दिन पहले भूतल हैंडओवर कर दिया गया है, लेकिन कॉलेज प्रशासन इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के ठिठक रहा है। कारण यह है कि यहां सीटी स्कैन मशीन नहीं लगी है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यदि इमरजेंसी की शिफ्टिंग की जाती है तो गंभीर रोगियों को सीटी स्कैन कराने के लिए कम से कम 500 मीटर दूर स्ट्रैचर से लेकर आना पड़ेगा। जो रोगी के लिए घातक हो सकता है। प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह का कहना है कि 500 बेड अस्पताल में इमरजेंसी को तभी शिफ्ट किया जाएगा जब गंभीर रोगियों के समुचित उपचार की व्यवस्था हो जाएगी। अन्य जीवनरक्षक उपकरण खरीदने के लिए शासन को फिर पत्र लिखकर बजट की मांग की जाएगी।