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50 हजार रुपये ऋण दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पे

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फाइनेंस कंपनी ने 50 हजार रुपये ऋण देेने के नाम पर लाखों रुपये हड़पे
- कई गांव के लोगों को बनाया शिकार, पीड़ितों ने पुलिस से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सीपरी थाना क्षेत्र के मिशन कंपाउंड गेट पर खुली सुधार माइक्रो फाइनेंस फेडरेशन कंपनी ने सैकड़ों गांव वालों को 50 हजार रुपये का ऋण देने के नाम पर उनके लाखों रुपये हड़प लिए। कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी अपने ऑफिस में ताला लगाकर नदारद हो चुके हैं। पीड़ित लोग अब पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं।
सीपरी बाजार थाने पहुंचे विरगुवा, लिधौरा, पालर, टाकोरी, गढ़मऊ, पाली परसर, बराठा के कैलाश पाल, ममता, लक्ष्मी, नीलम, रामकुमार, कमलेश, हरिश्चंद्र आदि लोगों ने पुलिस को बताया कि उनके गांव में पिछले 15- 20 दिन से मिशन कंपाउंड गेट पर खुली सुधार माइक्रो फाइनेंस फेडरेशन के कुछ कर्मचारी घूम रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी 50 हजार रुपये का ऋण देती है। बदले में उनको 2150 रुपये देकर सदस्य बनना होगा। ऋण की राशि 24 किस्तों में 2500 रुपये के हिसाब से हर महीने चुकाने होंगे। ऋण लेने के लिए दस से बारह लोगों का समूह बनाना होगा।
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ऋण चुकाने में सहूलियत देख सैकड़ों गांव के लोग उनके झांसे में आ गए। प्रत्येक ने 2150 रुपये देकर रसीद कटवा ली। दूसरे दिन जब खाते में 50 हजार रुपये नहीं पहुंचे तो गांव वाले चिंतित हो गए। वे सब कंपनी के ऑफिस आए तो वहां ताला लगा था। मकान मालिक से पूछा तो पता लगा कि कंपनी वालों ने कुछ दिनों के लिए ऑफिस किराए पर लिया था। गांव वालों ने कंपनी में काम कर रहे दो कर्मचारियों को भी पकड़ लिया, जिनको पुलिस को सौंप दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वे एक हफ्ते से ही कंपनी में काम करने आए थे। वे भी मूर्ख बन गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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रेल कर्मी के परिवार से दहशत में संगम विहार के लोग
झांसी। आवास विकास स्थित संगम विहार के लोग एक रेल कर्मी के परिवार से दहशत में हैं। मंगलवार को कॉलोनी के लोगों ने एकत्रित होकर एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
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एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में संगम विहार कॉलोनी मस्जिद के आगे रहने वाले हैंडरसन, वनमाली लाल, रुचि यादव, प्रभा परिहार, मुन्नी देवी, रामसेवक, पुष्पा देवी, अवध बिहारी, सुशील कुमार परिहार, मोहम्मद रफत, धर्मदास परिहार, मंगल सिंह ने बताया कि उनकी गली में एक रेल कर्मचारी का परिवार रहता है। इस परिवार के सदस्य बिना वजह पूरे मुहल्ले के लोगों के साथ आए दिन गाली गलौज करते रहते हैं। परिवार की महिलाएं कई लोगों को पीट चुकी हैं। उक्त परिवार के एक रिश्तेदार लखनऊ सचिवालय में काम करते हैं, जिनकी सिफारिश के कारण पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती हैं। इससे वे लोग भयग्रस्त हैं। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ को सौंपी है।
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