50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार
झांसी। अपहरण व हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी बदमाश को शुक्रवार को एसटीएफ व टहरौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा, तीन कारतूस, मोबाइल व रुपये मिले हैं। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में थाना टहरौली के बघेरा गांव निवासी राजेश पटेल उर्फ पप्पू की अपहरण कर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के जंगलों में ले जाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस प्रकरण में गांव के ही चरन सिंह समेत नौ लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने आठ लोगों को जेल भेज दिया था, लेकिन चरन सिंह हाथ नहीं आ सका था। पुलिस ने उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी को पकड़ने के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। शुक्रवार को सूचना पर एसटीएफ झांसी पहुंची, जहां टहरौैली पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को गांव के पास से ही दबोच लिया।
एक कारोबारी को ठिकाने लगाने की थी तैयारी
झांसी। एसटीएफ के हाथ आया चरन सिंह प्रदेश के एक कारोबारी को ठिकाने लगाने की तैयारी में था। सूचना मिलने के बाद सतर्क हुई टीम उसे दबोचने मेें जुट गई थी। शुक्रवार को गिरफ्तारी होने के बाद एसटीएफ व झांसी पुलिस ने राहत की सांस ली है। आरोपी पर जिले में 34 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
थाना टहरौली के बघेरा गांव निवासी चरन सिंह का इलाके में खासा दबदबा है। पिछले साल गांव के ही रहने वाले राजेश उर्फ पप्पू से वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थी। इसी दौरान चरन सिंह कोे भनक लगी कि राजेश पुलिस से उसका एनकाउंटर कराने की तैयारी में है। जिसके चलते वह उससे रंजिश रखने लगा। इसी दौरान अपने साथियों के साथ मिलकर राजेश का अपहरण कर टीकमगढ़ के जंगलों में ले गया। यहां हत्या कर शव गड्ढे में छिपाने लगा। गड्ढा छोटा पड़ जाने के बाद पैैरों को कुल्हाड़ी से काटकर अलग किया, इसके बाद शव व कटे हुए पैैर को गड्ढे में डालकर सभी भागकर गांव आ गए थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने चरन सिंह समेत नौै लोगोें पर अपहरण व हत्या समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने आठ आरोपियोें को तो दबोचकर जेल भेज दिया था, लेकिन चरन सिंह पुलिस के हाथ नहीं आ सका था। जिसे दबोचने में पुलिस के पसीने छूट रहे थे। गिरफ्तारी न होने पर आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।
बताया गया है कि वह फरार होने के बाद से ही प्रदेश के एक गैंग के संपर्र्क में आ गया था। इसी दौरान वह प्रदेश के एक जिले के कारोबारी को भी ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहा था। इसकी जानकारी एसटीएफ टीम को लग गई। टीम के जानकारी लेने पर पता चला कि वह जिले का शातिर अपराधी है। इसके बाद एसटीएफ ने झांसी पुलिस से तालमेल मिलाकर उसे दबोचने की रणनीति तैयार कर ली थी। शुक्रवार को सूचना मिलने के बाद एसटीएफ टीम ने झांसी पहुंचकर टहरौली पुलिस के साथ बघेरा गांव से आरोपी को धर दबोचा। आरोपी पर टहरौली में 25, टोेड़ीफतेहपुर व एरच में एक, सकरार में तीन व मोंठ व मऊरानीपुर में दो-दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने अवैध कार्यों से संपत्ति भी बना ली थी। जिसे कुर्क कराया जाएगा। इसके अलावा, उसने कितनी संपत्ति पैदा की, इसकी भी जांच कराई जा रही है। टीम में एसटीएफ कानपुर इकाई के प्रभारी घनश्याम यादव, एसटीएफ के मुख्य आरक्षी रामदयाल पांडेय, टहरौली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी, आरक्षी पुष्पेंद्र सिंह, आरक्षी राजकुमार, देवेश द्विवेदी, रामआसरे, हितेंद्र कुमार, शिवम अवस्थी, अंकित शर्मा व पर्वत सिंह मौजूद रहे।
वाट्सएप कॉल का करता था इस्तेमाल
पकड़ा गया अपराधी पुलिस से बचने के लिए तकनीक का भी उपयोग करता था। वह मोबाइल से इंटरनेट की वाट्सएप कॉल का उपयोग करता था, जिस कारण वह पुलिस के हाथ नहीं आ सका था। इसके बाद भी सर्वलांस टीम ने उसे पकड़वाने में महत्वपूर्र्ण भूमिका निभाई।