करोड़ों लेकर भागी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार
झांसी। पंजाब की एक चिट फंड कंपनी झांसी के निवेशकों को छह साल में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करके रफूचक्कर हो गई। इस पर निवेशकों ने एजेंटों को पकड़ना शुरू किया। साथ ही पुलिस से शिकायत भी करने लगे। कंपनी के खिलाफ गुरसराय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया। शुक्रवार को कई एजेंटों ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई।
पंजाब के भटिंडा की चिट फंड कंपनी ने वर्ष 2007 में गुरसराय में अपनी शाखा खोलकर एजेंट बनाने शुरू कर दिए। एजेंटों के जरिये कई निवेशकों का पैसा कंपनी में लगवा दिया गया। निवेशकों को छह साल में पैसा दोगुना और सात साल में ढाई गुना करने का भरोसा दिया गया। लालच में आकर कई लोग इस फर्जीवाड़े में फंसते चले गए। बताया गया कि कंपनी निवेशकों को पैसा लौटाती भी रही। फिर वर्ष 2016 में अचानक से पैसा देना बंद कर दिया। इसके बाद कंपनी के कार्यालय में पहुंचकर लोगों ने पैसा न देने की शिकायत की, तो उन्हें पैसा लौटाने का आश्वासन दिया जाता रहा। वर्ष 2018 में कंपनी गुरसराय स्थित कार्यालय में ताला लगाकर भाग गई। इसके बाद निवेशकों के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने एजेंटों को पकड़ना शुरू किया। एजेंट भी कंपनी के बारे में कुछ न बता सके। इसके बाद वर्ष 2019 में कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ गुरसराय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया। वहीं, निवेशक भी पुलिस से एजेंटों की शिकायत करते रहे। शुक्रवार को कई एजेंट अभिकर्ता जनकल्याण समिति के बैनर तले गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत से मिले। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी का एक अधिकारी झांसी में ही रहता है। उसने जनता की गाढ़ी कमाई से काफी संपत्ति भी बना ली है। इसलिए जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी कराकर मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए। इसके बाद विधायक ने डीएम और एसएसपी से बात की। बाद में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर एजेंटों ने कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन देने के दौरान उपाध्यक्ष माधुरीशरण उपाध्याय, दीनदयाल पटेल, प्रमोद पटेल, हीरालाल कुशवाहा, रामबीन पटेल, सतीश पाठक, मुन्नालाल, राकेश प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह व हरीशंकर मौजूद रहे।