झांसी। ओमिक्रॉन की दहशत के बीच झांसी में विदेशों से लौटने का सिलसिला जारी है। डेढ़ महीने के अंदर झांसी में 351 लोग विदेश से लौटकर आए हैं। अभी 171 लोगों की जांच होनी बाकी है। इसमें एट रिस्क (जहां ओमिक्रॉन फैला है) देशों से भी लोग झांसी लौटे हैं। रविवार को आयरलैंड, जर्मनी, मालदीव, यूएसए से 10 लोग शहर आए हैं, ये चारों एट रिस्क वाले देश हैं।
झांसी में इस सप्ताह से कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। पिछले सात दिनों में 10 मरीज मिल चुके हैं। इसमें एक मरीज विदेश से आया है। चूंकि, कई देशों में कोरोना का नया स्ट्रेन ओमिक्रॉन तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। विशेषज्ञों का दावा है कि ये कोविड के डेल्टा स्ट्रेन से ज्यादा संक्रामक है। ऐसे में विदेश से झांसी लौट रहे लोग यहां बड़ा संकट पैदा कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 30 से 40 दिनों में झांसी में 351 लोग विदेश से लौटे हैं। इसमें 109 एट रिस्क देशों से आए हैं। अब तक 180 लोगों की कोरोना की जांच की जा चुकी है, जिसमें एट रिस्क देशों के 79 लोग शामिल हैं। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, 171 लोगों की जांच होनी बाकी है। इसमें 30 लोग रिस्क वाले देशों से झांसी लौटे हैं। इनमें से यदि कोई भी ओमिक्रॉन संक्रमित हुआ तो वो झांसी में कोरोना के नए स्ट्रेन की दस्तक करा सकता है।