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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में बुंदेलखंड आगे -City

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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में बुंदेलखंड आगे
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झांसी। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिलों के लक्ष्य को प्राप्त करने के मामले में एक सूची जारी की गई है, जिसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी सातों जिलों महोबा, ललितपुर, चित्रकूट, जालौन, झांसी, बांदा और हमीरपुर को टॉप 20 में शामिल किया गया है। सूची में महोबा पांचवां स्थान प्राप्त कर चित्रकूट मंडल में अव्वल रहा। वहीं, ललितपुर सातवां स्थान प्राप्त कर मंडल में अव्वल रहा।
बुंदेलखंड के सभी सातों जिलों ने इस रैंकिंग में अपना स्थान प्राप्त किया है, जिसमें चित्रकूट ने 8वां, जालौन ने 10वां, झांसी ने 11वां, बांदा ने 13वां और हमीरपुर ने 16वां स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा सूची में महाराजगंज को पहला, मऊ को दूसरा, श्रावस्ती को तीसरा स्थान मिला है। जनवरी 2017 से लेकर जनवरी 2019 तक की इस सूची में प्रदेश के सभी 75 जिलों को नामित किया गया है, जिसमें लक्षित महिलाओं में से लाभार्थियों को लाभ मिलने के आधार पर 1 से 75 तक रैंकिंग देकर सूची तैयार की गई है। इस दौरान ललितपुर में लगभग 11783 महिलाओं को लक्षित किया गया था, जिसमें से 10639 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। वहीं, जालौन में 16300 के सापेक्ष 13444 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। झांसी में 19277 के सापेक्ष 16356 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। इसी प्रकार बुंदेलखंड के चित्रकूट मंडल से महोबा जिला ने लक्षित लगभग 8449 लाभार्थियों के सापेक्ष 7704 को, चित्रकूट में 9566 के सापेक्ष 7037 को, बांदा में 17356 के सापेक्ष 14275 को, हमीरपुर में 10651 के सापेक्ष 6934 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है।
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क्या है प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीपीएम ऋषिराज ने बताया कि किसी भी परिवार में पहली बार गर्भवती हुई महिला को अच्छा स्वास्थ्य और सही खानपान देने के लिए सरकार द्वारा किस्तों में सहायता राशि दी जा रही है। सहायता राशि प्राप्त करने के लिए योजना की शर्तें हैं। प्रथम 1000 की किस्त के लिए किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई पर 150 दिनों के अंदर पंजीकरण आवश्यक है। जिसमें आवेदन प्रपत्र 1 ए, एमसीपी कार्ड, पहचान प्रमाण पत्र, बैंक खाते की पासबुक जरूरी है। दूसरी 2000 की किस्त के लिए कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कराना जरूरी है। इसमें गर्भावस्था के 180 दिन के बाद आवश्यक दस्तावेजों के जमा करने पर भुगतान किया जाता है, जिसमें आवेदन प्रपत्र 1 बी और एमसीपी कार्ड की कॉपी लगती है। तीसरी 2000 की किस्त शिशु के जन्म के बाद उसका पंजीकरण कराने पर दी जाती है। इसमें शिशु के प्रथम चक्र का टीकाकरण होेने के बाद आवश्यक दस्तावेजों के जमा करने पर भुगतान किया जाता है। जिसमें आवेदन प्रपत्र 1 सी, एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड और शिशु जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी लगती है।
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