सिविल लाइन रोड पर 15 दिन में भरें फर्राटा
झांसी। इलाहाबाद बैंक चौराहा से रेलवे स्टेशन मार्ग को जोड़ने वाली सिविल लाइन सड़क पर 15 दिन में फर्राटा भर सकेंगे। सड़क पर डामरीकरण का काम तेज हो गया है। महानगर की यह पहली सड़क है, जो लगभग तीन साल से पूरी होने का इंतजार कर रही है। इस सड़क पर तीन चैनल की नाली बनाई गई है।
महानगर की हाई सोसायटी के लोग सिविल लाइन में रहते हैं। नगर निगम ने जब सिविल लाइन रोड चौड़ीकरण करने का ठेका निकाला तो लोगों को उम्मीद थी कि यह पॉश क्षेत्र और बेहतर दिखाई देने लगेगा, लेकिन जब काम शुरू किया और सड़क की नापजोख की तो कई नामचीन लोगों के मकानों की बाउंड्रीवाल सीमा में आ गईं। इसे तोड़ने में नगर निगम को पसीना आ गया। जैसे- तैसे डिवाइडर तो बना लिया गया, लेकिन नाली बनाने में इतनी अड़चनें आईं कि विभाग को जो काम छह महीने में पूरा करना था, उसे पूरा करने में ढाई साल लग गए। जैसे ही नगर निगम फीता डालता, खुद को कोई विधायक तो कोई सांसद का करीबी बताकर काम रुकवा देता। स्थिति यह हो गई कि बार- बार नगर निगम को काम बंद करना पड़ गया।
सड़क का ठेका स्मार्ट सिटी के मानकों को ध्यान में रखकर दिया गया था। जबकि, उस समय शहर स्मार्ट सिटी में घोषित भी नहीं हुआ था। सड़क की खास बात यह है कि नाली के तीन चैनल हैं। यानी, तीन पार्ट में बनी इस नाली के किनारे वाले हिस्से में मकानों का पानी आएगा, दूसरे हिस्से में केबल या बिजली का तार डाला जाएगा और तीसरे चैनल में सड़क का पानी आएगा। इस तरह न तो नालियां ओवरफ्लो होंगी और न ही गंदगी रहेगी। बार- बार सड़क खोदने की भी जरूरत नहीं होगी, जिससे सड़क की उम्र लंबी होगी।
4.25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में डिवाइडर व नाला बनाया गया है। साथ में स्ट्रीट लाइट लगाई गईं हैं। बाकी काम तो हो गया है, अब डामरीकरण का काम शुरू हो गया है। नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है। सड़क निर्माण कार्य 15 दिन में पूरा हो जाएगा।