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रेल अफसर बेखबर, यात्री वाहन रखें किधर

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रेल अफसर बेखबर, यात्री वाहन रखें किधर
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ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर वाहन पार्किंग की समस्या यात्रियों के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। सबसे अधिक परेशानी झांसी और बीना तक के रोजाना सुबह शाम यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को होती है। रेलवे स्टेशन के बाहर एक ओर जहां नो पार्किंग में वाहन रखने पर पाबंदी लगाई गई है, वहीं दूसरी ओर बिना ठेकेदारी के वाहन स्टैंड पर वाहनों को पंक्चर कर दिया जा रहा है। जीआरपी द्वारा वाहन रखने में अड़ंगेबाजी की जा रही है। ललितपुर रेलवे स्टेशन पर अप और डाउन रुट की करीब पांच दर्जन ट्रेनों का स्टॉपेज है। ललितपुर से डाउन रुट पर तालबेहट, बबीना, झांसी, दतिया एवं ग्वालियर और अप रुट पर धौर्रा, बीना, मंडी बामौरा, गंजबासौदा, विदिशा एवं भोपाल की ओर रोजाना पांच सौ से अधिक यात्री रेल यात्रा करते हैं और सैकड़ों लोग अन्य जनपदों से ललितपुर किसी न किसी वजह से ट्रेन से ललितपुर पहुंचते हैं। ललितपुर रेलवे स्टेशन के बाहर रेलवे द्वारा अस्थायी तौर पर वाहन स्टैंड बनाया गया है, जहां ललितपुर आने-जाने वाले यात्री अपडाउन के दौरान अपने वाहन रेलवे स्टेशन के बाहर इस वाहन स्टैंड पर रखकर चले जाते हैं, लेकिन जब वह वापस लौटते हैं तो उनका वाहन सुरक्षित नहीं मिलता है। अधिकांश यात्रियों के वाहन यहां या तो पंक्चर ही मिलते हैं या फिर वाहनों का कोई न कोई सामान गायब मिलता है। वहीं, रेलवे द्वारा स्टेशन के वाहन मुख्य गेट के दोनों ओर नो पार्किंग जोन घोषित कर रखा है। वहीं, वाहन स्टैंड का ठेका वर्तमान में निरस्त होने के चलते यहां कोई नया ठेका निर्धारित नहीं किया गया है। इसके चलते यहां सैकड़ों वाहन लावारिस अवस्था में रखे रहते हैं। जब यात्रियों को अपना वाहन अस्त-व्यस्त अवस्था में मिलता है तो वह इसके लिए रेल प्रशासन को कोसता नजर आता है और कई लोगों द्वारा रेलवे स्टेशन पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था कराए जाने की मांग रेल अधिकारियों से कर चुके हैं। लेकिन, हर बार रेल अधिकारियों के आश्वासन हवाहवाई साबित होते हैं। ऐसा भी नहीं है कि रेलवे अधिकारियों को इसकी जानकारी न हो, यहां लंबे समय से वाहन पार्किंग की समस्या अधिकारियों के निरीक्षण के समय विभिन्न संगठनों व आम लोगों द्वारा उठाई जाती रही है। इसके बाद भी रेल अधिकारियों द्वारा व्यवस्था तो दूर जीआरपी कर्मचारियों द्वारा वाहन स्टैंड या नो पार्किंग जोन में रखे वाहन जबरन जीआरपी चौकी में रखवाकर चालान काट दिए जाते हैं।

स्टैंड पर वाहन सुरक्षित नहीं, रखना मजबूरी
ललितपुर। ललितपुर में अनुदेशक होने के कारण हर रोज झांसी से अपडाउन करना पड़ता है, जिसके चलते अपना दोपहिया वाहन वाहन स्टैंड पर रखना होता है। लेकिन, जब वाहन रखकर वापस लौटते हैं तो वाहन पंक्चर मिलता है। इस सप्ताह ही करीब तीन बार वाहन पंक्चर हो चुका है।
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-धीरज सोनी।
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रात में वाहन पंक्चर होने से होती है परेशानी
ललितपुर। ट्रेन से अन्य जनपद जाने के दौरान वाहन स्टैंड पर रख जाते हैं, लेकिन जब रात को वापस लौटते हैं, तो वाहन पंक्चर किया मिलता है। इसी महीने में कई बार गाड़ी पंक्चर कर दी गई है। कई बार तो जीआरपी कर्मचारियों द्वारा ही वाहन पंक्चर कर दिए जाते हैं, जिससे काफी परेशानी हो रही है। अब यहां वाहन रखना सुरक्षित नहीं है।
-अनुराग पाराशर।
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डीआरएम से कर चुके शिकायत
ललितपुर। रेलवे स्टेशन के बाहर स्टैंड पर वाहन रखने पर अक्सर पंक्चर किए जा रहे हैं। स्टैंड का स्थायी समाधान नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है। अन्य जनपद से लौटने पर शाम को वाहनों के पहियों की हवा निकली मिलती है। कई बार पंक्चर करते भी देख लेने पर जीआरपी कर्मचारियों द्वारा वाहन को कब्जे में लेकर चालान करने की धमकी दी जाती है। इसकी शिकायत गत दिवस झांसी में डीआरएम ऑनलाइन मेल पर और लिखित रुप से की गई है।
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वाहन स्टैंड के स्थायी समाधान की जरूरत
ललितपुर। रेलवे स्टेशन के बाहर वाहन स्टैंड पर और मुख्य गेट के पास वाहन रखने पर जीआरपी द्वारा वाहन जबरन उठा लिए जाते हैं और चालान काट दिया जाता है। कई बार रिश्तेदारों को छोड़ने स्टेशन के बाहर वाहन रख कर स्टेशन पर चले जाते हैं, लेेकिन जब वापस लौटते हैं तो वाहन पंक्चर मिलता है। बात करने पर जीआरपी कर्मचारी अभद्रता पर उतर आते हैं।
-दिनेश साहू।
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