झांसी। ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 25 पत्थरबाज दहशत बने हुए हैं। यह पत्थरबाज वीआईपी ट्रेन गतिमान, शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को निशाना बना चुके हैं। सभी घटनाएं झांसी से मुरैना स्टेशन के बीच हुई हैं। जिस पर आरपीएफ ने चार स्थान चिह्नित कर सभी की तलाश शुरू कर दी है। लगातार घटनाओं को देखते हुए सेक्शन में आरपीएफ टीम की भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
झांसी से मुरैना के बीच यात्रियों का सफर दहशत भरा है। आए दिन इस सेक्शन में पत्थरबाजी ट्रेनों पर पत्थर से हमला कर देते हैं। दो माह के भीतर गतिमान व शताब्दी एक्सप्रेस को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया। दो माह में छह बार गतिमान पर व चार बार शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव हुआ। पथराव से यात्री सुरक्षित रहे, लेकिन कांच क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे यात्रियों में दहशत पैदा हो गई। कई मामले तो ऐसेे भी रहे, जिनकी शिकायत तक दर्ज नहीं कराई। इनमें अधिकांश रात के मामले भी रहे।
रात की ट्रेनों को भी सर्वाधिक निशाना बनाया गया। रात की ट्रेनों में श्रीधाम एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, दक्षिण एक्सप्रेस, जबलपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस भी पत्थरबाजों के निशाने पर रहे। यात्रियों के साथ-साथ ट्रेनों के चालक भी दहशत में हैं। तमाम शिकायतें आने के बाद आरपीएफ सतर्क हो गई है। झांसी से दतिया, डबरा व मुरैना सेक्शन में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ट्रेन स्क्वायड को किया आगाह
ट्रेनों में चलने वाले स्क्वायड को भी अधिकारियों ने आगाह किया है। ट्रेनों मेें चेकिंग के साथ चिह्नित किए चार जगहों पर गेट पर खड़े होकर भी देखेंगे। प्रतिदिन की रिपोर्ट बनाकर भी अधिकारियों को देनी होगी, ताकि प्रतिदिन की जानकारी मिल सके।
ट्रेनों में पथराव करने वालाें को दबोचने के लिए चार स्थान चिह्नित किए गए हैं। आरपीएफ की टीम को भी लगाया गया है। पकड़े जाने के बाद आरपीएफ सख्त कार्रवाई करेगी।
उमाकांत तिवारी, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ