झांसी। बारिश के मौसम में मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। सोमवार शाम तक के पिछले 24 घंटों में सर्पदंश से पीड़ित 22 लोग इमरजेंसी में भर्ती कराए गए। इनमें से 12 मरीजों की मॉनीटरिंग की जा रही है, जबकि हालत गंभीर होने पर 10 मरीजों को आईसीयू में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
लगातार बारिश के चलते खेतों, झाड़ियों और खाली मैदानों में बने बिलों में पानी भरने लगा है, इससे सांप बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर आ रहे हैं। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सर्पदंश के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से ऐसे रोगियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। पिछले 24 घंटों में आए 22 मरीजों में से 12 की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि जहर का असर दिखते ही एंटी स्नेक वेनम दी जा सके। वहीं, 10 मरीजों में जहर का असर अधिक होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
झाड़-फूंक के चक्कर में बिगड़ी हालत
डॉ. सिंह ने बताया कि रक्सा और बड़ागांव क्षेत्र से आए कुछ मरीजों के परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े रहे, जिससे उन्हें अस्पताल लाने में देरी हुई और उनकी हालत काफी चिंताजनक हो गई। हालांकि, अन्य आठ मरीजों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
सांप डसे तो क्या करें
पीड़ित को ढांढस बंधाते रहें ताकि ब्लड प्रेशर न बढ़े।
जिस अंग में काटा है, उसे नीचे लटकाकर ही रखें।
किसी भी रस्सी अथवा कपड़े से कसकर न बांधें।
जहर निकालने के लिए कट कतई न लगाएं।
बिना समय गंवाए सीधे अस्पताल लेकर जाएं।
झाड़-फूंक में समय गंवाने से जान खतरे में पड़ सकती है।
सर्पदंश के लक्षण
आंखों की पलक धीरे-धीरे गिरने लगती है।
पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ होती है।
गले से पानी निगलने में दिक्कत होती है।
काटने के स्थान पर सूजन व गलन भी होती है।
बाल रोग विभाग में बढ़े वायरल बुखार के रोगी बढ़े
झांसी। मौसम में बदलाव होने से मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में वायरल संक्रमण की वजह से बुखार, खांसी-जुकाम के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने बताया वायरल की वजह से बीमार बच्चों की संख्या 30 फीसदी बढ़ गई है। चिंताजनक हालात होने पर औसतन 12 बच्चों को भर्ती करके उपचार किया जा रहा है। ब्यूरो