झांसी। इस बस गणेश महोत्सव 22 अगस्त से शुरू है। लेकिन, कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण महानगर के मूर्ति निर्माण स्थलों पर सन्नाटा पसरा पड़ा है। ऐसे में भक्तों को 3 फिट से अधिक की ऊंचाई वाली भगवान गणेश की प्रतिमा मिल सकने की संभावना कम ही है।
महानगर में हर साल गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। बाजारों से लेकर गलियों तक में गणेश उत्सव के लिए आकर्षक पंडाल सजाए जाते हैं। इनमें गौरी पुत्र गणेश की 2 फिट से लेकर 10 फिट तक की मनोहारी प्रतिमाएं विराजमान की जाती है। हर साल इन मूर्तियों को बनाने की तैयारियां लगभग 3 माह पहले से शुरू हो जाता है। शिक्षा भवन के मैदान, गल्ला मंडी मार्ग स्थित बाड़ों में, तालपुरा के संत रविदास आश्रम परिसर में बंगाल, उड़ीसा, कानपुर, लखनऊ, छतरपुर, शिवपुरी के मूर्तिकार मैं
तैयार करते थे। लाल बाग के राजा हो अथवा चिंचपोकली के गणेश जी। भगवान के सभी स्वरूपों में मूर्तियां इनके द्वारा तैयार की जाती रही है। लेकिन इस बार कोरोना के कारण इन स्थलों पर कोई मूर्तिकार नजर नहीं आ रहा है। और न आर्डर देने वाली समिति के लोग। गल्ला मंडी निवासी दिनेश और रामकुमार तिवारी ने बताया कि मूर्तियों के निर्माण के समय अच्छी खासी रौनक हर साल नजर आती थी जो इस साल नहीं दिख रही है।
मूर्तियां हुई काफी महंगी
भगवान गणेश की जो प्रतिमा 5 फिट की पिछले साल पांच हजार रुपये में मिलती थी। इस बार इन रुपयों में ढाई फिट की प्रतिमा मिल रही है। महाराष्ट्र गणेश मंदिर में हर साल भव्य गणेश उत्सव मनाया जाता है। लेकिन, कोरोना वायरस के कारण इस वर्ष गणेश उत्सव पर कोई सार्वजनिक सांस्कृतिक व धार्मिक उत्सव नहीं होगा। हालांकि भगवान गणेश की प्रतिमा अवश्य विराजमान की जाएगी। इस बार यह प्रतिमा तीन फिट की होगी। जबकि बीते वर्षों में विराजमान होने वाली प्रतिमा लगभग 5 फिट
की होती आई है। आयोजकों का कहना है कि इस साल कोरोना के कारण मूर्ति निर्माण का कार्य प्रभावित हुआ है। कई मूर्तिकार ऑर्डर भी नहीं ले रहे थे। ऐसे में लगभग ढाई फिट की प्रतिमा पांच हजार रुपये की मिल रहीं है। गजानन खानवलकर और राहुल खांडेकर ने बताया कि प्रतिमा इस बार महंगी मिल रही है। इधर बड़ा बाजार रामलीला मंच गणेश कमेटी के सदस्य अरविंद गुप्ता ने बताया कि गणेश उत्सव आयोजन को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। सरकार का जो निर्देश होगा उनका पालन किया जाएगा।