अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के 210 स्कूल या उनका कोई न कोई भवन जर्जर है। इनमें से अब 96 भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। तीन बार नीलामी निकालने के बाद जब किसी ने रुचि नहीं दिखाई तो इसका जिम्मा ग्राम सभा समितियों को दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन विद्यालयों या भवनों में विद्यार्थी पढ़ते नहीं हैं।
जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के 1,452 विद्यालय हैं। समय-समय पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जर्जर स्कूलों की सूची मांगी जाती है। संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी को सूची उपलब्ध कराते हैं। इसमें पूरा स्कूल या फिर विद्यालय का का एक या दो भवन जर्जर होने का उल्लेख किया जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों की सूची बीएसए को भेजते हैं। इसके बाद जिला स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी मौके पर जाकर निरीक्षण करती है और रिपोर्ट देती है कि विद्यालय अथवा भवन जर्जर है या मरम्मत कराए जाने योग्य है। जो विद्यालय या भवन मरम्मत के योग्य होते हैं, उनकी सूची शासन को भेजकर बेसिक शिक्षा विभाग बजट की मांग करता है। वहीं, जर्जर मिलने वाले विद्यालयों की नीलामी निकालता है। इसकी दरें भी लोक निर्माण विभाग की टीम तय करती है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में बामौर, गुरसराय, मऊरानीपुर, बंगरा, बबीना, बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ और नगर क्षेत्र के 280 विद्यालय अथवा भवन के जर्जर होने की सूची बीईओ के जरिये बीएसए को भेजी गई थी। जांच के बाद 210 विद्यालय जर्जर पाए गए। तीन बार नीलामी निकालने के बाद भी किसी ने रुचि नहीं दिखाई, अब 96 विद्यालयों को ग्राम सभा समिति द्वारा ध्वस्तीकरण की मंजूरी दे दी गई है। बीएसए विपुल शिव सागर का कहना है कि ध्वस्तीकरण के बाद नया विद्यालय अथवा भवन का निर्माण होगा।
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इन विद्यालयों की हालत खस्ता, बारिश में गिरने की आशंका
झांसी। झांसी में अभी कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी हालत खस्ता है। बारिश के दौरान इनके गिरने की भी आशंका है। हाल ही में सैंयर गेट स्थित एक विद्यालय के बरामदे की छत गिर चुकी है। उसके बाद भी छत से प्लास्टर गिरने और दीवारों में दरारों वाले विद्यालयाें में बच्चे पढ़ रहे हैं।
बबीना के कंपोजिट स्कूल अठौंदना की छत में सीलन आ गई है। यहां पर प्लास्टर भी गिर रहा है। वहीं, प्राइमरी स्कूल रसोई के क्लास की छत भी खराब हो गई है। यहां पर भी प्लास्टर गिरने लगा है। इसी तरह, प्राथमिक विद्यालय खरकासानी, मऊरानीपुर की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। यहां मुख्य गेट से लेकर खिड़की के आसपास बड़ी दरारें साफ दिखाई दे जाती हैं। बीएसए का कहना है कि सभी स्कूलों से जर्जर विद्यालयों की सूची मांगी गई है। जो प्रधानाचार्य नहीं भेज रहे हैं, उनसे जवाब मांगा जाएगा।