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डॉगी क्यूनी की तेरहवीं पर 200 कुत्तों को कराया भोज, साथी यूली ने क्रब पर फूल चढ़ाकर किया सेल्यूट

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झांसी। पुलिस लाइन में 31 मई को जीवन की अंतिम सांस लेने वाली खोजी डॉगी क्यूनी (लूसी) की सोमवार को तेरहवीं मनाई गई। आठ साल से पुलिस के श्वान दस्ते में काम कर रही अपनी लूसी की याद में पुलिस कर्मियों ने 200 कुत्तों को भोज कराया। वहीं, इस गमगीन माहौल में लूसी की साथी यूली ने उसकी कब्र पर फूलमाला चढ़ाकर उसे सेल्यूट किया। लूसी से यूली का यह प्रेम देख पुलिस कर्मियों की आंखें नम हो गईं। वहीं, इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।
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खोजी डॉगी क्यूनी की तबीयत खराब होेने की वजह से 31 मई को उसकी मौत हो गई थी। उसे विधिवत रूप से पुलिस लाइन में दफनाया गया था। सोमवार को क्यूनी के हैंडलर कांस्टेबल यशपाल सिंह व शिवजीत सिंह यादव की ओर से क्यूनी की तेरहवीं की गई। सुबह पुलिस कर्मियों ने उसकी कब्र पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए गए। इसके बाद दोनों हैंडलरों ने अपनी ओर से सड़क पर घूमने वाले लगभग 200 कुत्तों को दूध और ब्रेड का भोज खिलाया। इतना ही नहीं, हैंडलरों ने अपने 25-30 साथी कर्मचारियों को खीर, पूरी व पनीर की सब्जी भी खिलाई। इसके बाद क्यूनी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई। डॉगी की इस तरह से की गई तेरहवीं चर्चा का विषय बनी हुई है। हैंडलर शिवजीत सिंह यादव ने बताया कि डॉगी क्यूनी की वे देखभाल कर रहे थे, जिससे उससे काफी लगाव हो गया था। यही वजह है कि उसकी मृत्यु के बाद विधिवत तेरहवीं भी की।
कब्र के पास से हट नहीं रही थी डॉगी यूली
झांसी। झांसी पुलिस के श्वान दस्ते में दो डॉगी क्यूनी और यूली (रानी) थीं। क्यूनी की मौत के बाद यूली अकेली रह गई है। तेरहवीं पर यूली को भी क्यूनी की कब्र के पास ले जाया गया। उसने फूलमाला चढ़ाया। वहीं, क्यूनी की गंध आते ही वह भौंकते हुए क्यूनी की कब्र पर जा पहुंची। हैंडलरों की तमाम कोशिशों के बाद भी वो नहीं मानी। बड़ी मुश्किल से हैंडलर उसे वहां से वापस गाड़ी में ला पाए।
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आठ साल पुराना था दोनों साथ
झांसी। जर्मन शेफर्ड ब्रीड की क्यूनी (लूसी) और यूली (रानी) को साल 2013 में हैदराबाद से खरीदा गया था। इसके बाद उनकी मध्य प्रदेश के टेकनपुर में स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र में नौ महीने की ट्रेनिंग हुई थी। खासतौर पर उन्हें मानव गंध का प्रशिक्षण दिया गया था। साल 2014 से दोनों को पुलिस में शामिल कर लिया गया था।
कई वारदातों का किया खुलासा
झांसी। खोजी डॉगी क्यूनी और यूली मिलकर कई वारदातों का खुलासा कर चुकी हैं। चार साल पहले कानपुर रोड टोल प्लाजा पर हुई चर्चित लाखों की लूट का खुलासा करने में इन दोनों डॉगी की अहम भूमिका रही थी। झांसी के अलावा मंडल के ललितपुर व जालौन जनपद में भी बड़ी वारदात होने पर झांसी से श्वान दस्ता भेजा जाता है।
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