प्रशांत शर्मा
झांसी। 22 लाख से अधिक आबादी वाले झांसी जिले में करीब 20 फीसदी आबादी आयुष्मान कार्डधारी है। वहीं, जनपद में लगभग 5.50 लाख लाभर्थियों में से 4.70 लाख के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पिछले सात सालों में 55 हजार लाभार्थी योजना का लाभ उठाकर अस्पतालों में इलाज करवा चुके हैं। इनके इलाज पर सरकार ने 54 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लॉन्च की गई थी। योजना के तहत लाभार्थी पांच लाख रुपये तक सालाना मुफ्त इलाज करवा सकता है। पिछले साल योजना का दायरा बढ़ाया गया और 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया। आयुष्मान योजना के जनपद नोडल अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि जनपद में 70 साल से अधिक आयु के 34,700 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
जबकि, लगभग 75 हजार बुजुर्गों के कार्ड बनाने का लक्ष्य है। जिले में योजना के तहत 64 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 14 सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं। मरीज के इलाज पर आए खर्च का भुगतान अस्पताल को 60 से 90 दिन में कर दिया जाता है।
ऐसे जांच सकते हैं पात्रता
आप आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए आयुष्मान मोबाइल फोन एप डाउनलोड करें या https://benificiary.nha.gov.in पर जाएं। इसमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। ओटीपी आएगा उसे भी दर्ज करें। राज्य, जनपद आदि भरने के बाद फैमिली सर्च का विकल्प चुनें। राशनकार्ड नंबर डालकर सर्च करें। यदि आप योजना के पात्र हैं तो सभी का नाम सामने आ जाएगा।
चलने-फिरने को मोहताज रोगी पैरों फिर खड़े हुए
आयुष्मान योजना के तहत झांसी में कई मरीजों की घुटना अथवा कूल्हा प्रत्यारोपण हो चुका है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सहगल ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर कई मरीज इलाज नहीं करवा पा रहे थे। पिछले दो सालों में ही ऐसे 350 से ज्यादा मरीजों का मेडिकल कॉलेज में निशुल्क घुटना अथवा कूल्हा प्रत्यारोपण हुआ है। वह फिर से अपने पैरों पर खड़े हो चुके हैं। कई मरीजों को दोनों कूल्हा अथवा घुटना प्रत्यारोपण किया गया।