मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक की हालत नाजुक, 18 की स्थिति सामान्य
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बारिश के मौसम में लोग सर्पदंश के शिकार हो रहे हैं। पिछले 24 घंटे में तीन बच्चों समेत 20 लोग मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। देरी से उपचार के लिए लाने पर एक बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे में एक से डेढ़ घंटे के अंतराल में सर्पदंश से पीड़ित पहुंच रहे हैं। बारिश के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पर्याप्त संख्या में इमरजेंसी में एंटी वेनम इंजेक्शन रखवा दिए गए हैं। सांप के काटने से शरीर में पहुंचने वाले संक्रमण की रोकथाम के इंजेक्शन भी रखवा दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 24 घंटे के अंदर सर्पदंश के तीन बच्चों समेत 20 रोगी आए। इनमें से एक बच्चे ने उपचार शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दिया। हरियाणा के जिला महेंद्रनगर के फैजाबाद थानांतर्गत खासपुरा सहमा निवासी संजय ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदारी में टीकमगढ़ आया था। सुबह उनका बेटा हिमांशु (7 वर्ष) पलंग पर बैठा था, तभी सांप ने डस लिया। करीब दो घंटे तक स्थानीय लोगों ने उपचार किया। हालत बिगड़ी तो मेडिकल कॉलेज लेकर आए मगर तब तक उसकी मौत हो गई। वहीं, उरई निवासी मुकेश (30) को रविवार भोर करीब चार बजे घर के अंदर ही सांप ने काट लिया। परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मुकेश की हालात चिंताजनक है। बाकी 18 सर्पदंश के रोगियों की हालत स्थित बनी हुई है।
सकारात्मक रहे अन्यथा तेजी से फैलता से शरीर में जहर
वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. रामबाबू सिंह का कहना है कि सांप के काटने के बाद तनाव का माहौल न बनाएं। मरीज के आसपास सकारात्मक माहौल बनाकर रखें। रोगी को बताते रहे कि उपचार मिलने के बाद सब ठीक हो जाता है। यदि मरीज तनाव करेगा तो ब्लड प्रेशर बढ़ेगा जिससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। ऐसे हालात में सांप का जहर तेजी से शरीर में फैलता है और अंग प्रभावित होने लगते हैं।
सर्पदंश के बाद ये करें
जिस अंग में सांप ने डसा है, उसे नीचे की तरफ लटकाकर रखें
सांप के काटने के स्थान से थोड़ा पीछे हल्का सा बंध लगा दें
सांप को देखने अथवा अपने स्तर से उपचार में समय न गंवाएं
घटना के तुरंत बाद रोगी को अस्पताल लेकर पहुंच जाएं