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20 दिन में बीस लाख का घाटा

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झांसी। किसान आंदोलन के चलते रोडवेज बसों को झांसी से दिल्ली जाने के लिए सवारियां नहीं मिल रही हैं। इससे 20 दिनों में अब तक रोडवेज को बीस लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। स्थिति यह है बसों के डीजल का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है।
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रोडवेज झांसी व उरई से दिल्ली के लिए 14 बसें संचालित करता है। पिछले कई दिनों से दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन की वजह से यात्रियों ने दिल्ली जाने से दूरी बना ली है। इससे बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक रोडवेज को बीस लाख रुपये का घाटा हो चुका है। हालत यह है कि बसोंका डीजल खर्च तक का औसत भी नहीं निकल पा रहा है। यात्रियों की घटती संख्या ने अफसरों की चिंता बढ़ा दी है।
जाम से गड़बड़ाई टाइमिंग
आंदोलन के चलते दिल्ली व उसके आसपास जाम भी खूब लग रहा है। इससे बसों के जाम में फंसे रहने से टाइमिंग भी गड़बड़ा गई है। बसें भी देरी से झांसी पहुंच रही हैं। इससे डीजल भी अधिक खर्च हो रहा है। यदि लंबे समय आंदोलन चला तो इसका असर रोडवेज पर पड़ेगा। अधिकारी बसों की संख्या भी कम कर सकते हैं। इसको लेकर भी मंथन चल रहा है।
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एक नजर
- प्रतिदिन एक बस से होता है तीन से साढ़े तीन लाख का राजस्व
- झांसी से दिल्ली जाने का किराया 461 रुपये
दिल्ली जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। बसों का संचालन नुकसान का सौदा बना हुआ है। बसों का राजस्व बढ़ाने पर मंथन किया जा रहा है। अनिल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक
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