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कोरोना के डेल्टा प्लस स्वरूप की पहचान के लिए झांसी में लिए गए 20 संक्रमितों के सैंपल

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झांसी। जिले से सौ किलोमीटर दूर स्थित शिवपुरी में कोरोना के नए रूप डेल्टा प्लस की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस नए रूप की पहचान के लिए संक्रमितों के सैंपल लखनऊ और दिल्ली भेजे हैं। राहत की बात ये है कि अब तक किसी भी नमूने में डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है।
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कोरोना की दूसरी लहर में झांसी समेत देश भर में तबाही मचाने वाले कोरोना का नया रूप डेल्टा प्लस वेरिएंट सामने आ चुका है। ये डेल्टा वेरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक है। इसकी न सिर्फ संक्रमण दर ज्यादा है, बल्कि इसकी चपेट में आने वालों की मौत की दर भी अधिक बताई जा रही है। अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट के देश के कुछ राज्यों में ही मामले सामने आए हैं। झांसी के पड़ोसी मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। नए रूप के संपर्क में आने से कुछ लोगों की मौत भी हुई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संक्रमित मिलने वाले मरीजों का जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल बाहर भेजने शुरू कर दिए हैं। ये सैंपल दिल्ली और लखनऊ की लैब भेजे जा रहे हैं। हालांकि अब तक किसी भी सैंपल में नए वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है।
ये है जीनोम सिक्वेंसिंग
जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है। वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सिक्वेंसिंग कहते हैं। इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता चलता है।
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डेल्टा प्लस वेरिएंट क्या है
यह नया स्वरूप डेल्टा प्लस (एवाई.1) भारत में सबसे पहले सामने आए डेल्टा (बी.1.617.2) के म्यूटेशन से बना है। इसके अलावा के 41 एन नाम का म्यूटेशन जो दक्षिण अफ्रीका में बीटा वेरिएंट में पाया गया था। उससे भी इसके लक्षण मिलते-जुलते हैं। इसलिए यह ज्यादा खतरनाक है।
पिछले वेरिएंट से कितना खतरनाक
कुछ विषाणु वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि यह वेरिएंट अल्फा की तुलना में 35.60 फीस अधिक संक्रामक है। ऐसे में इससे संक्रमित व्यक्ति की हालत जल्दी ही गंभीर हो सकती है। इसलिए डॉक्टर समय से अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना संक्रमित मरीजों की जीनोम सिक्सेंविंग के लिए लखनऊ और दिल्ली की लैब में सैंपल भेजे जा रहे हैं। अभी तक किसी भी मरीज में डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. अंशुल जैन, नोडल अधिकारी, कोविड, मेडिकल कॉलेज।
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