दिल्ली के कोहरे से थमी रही ट्रेनों की रफ्तार
झांसी। एनसीआर और दिल्ली में पड़ रहे कोहरे के कारण सोमवार को भी ट्रेनों की रफ्तार थमी रही। दूसरे दिन भी दिल्ली से आने वाली वीआईपी ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटे और गतिमान एक्सप्रेस दो घंटे लेट हो गई। इसी तरह 18 से अधिक ट्रेनें दो से 13 घंटे तक की देरी से आईं, जिससे यात्री परेशान रहे। इनमें सबसे अधिक छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 13 और जबलपुर अटारी एक्सप्रेस 11 घंटे देरी से आई। वहीं, ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण 250 से अधिक यात्रियों ने टिकट निरस्त करा लिए।
सोमवार को धूप तो निकली लेकिन ट्रेनें अपनी गति नहीं पकड़ सकीं। दिल्ली से आने वाली ट्रेनें काफी लेट रहीं। दरअसल, पिछले दो दिनों से अधिकांश ट्रेनों का समय पालन बिगड़ चुका है। इस कारण ट्रेनें अपने आरंभिक स्टेशन से समय पर नहीं चल पा रही हैं। हबीबगंज से नई दिल्ली जाने वाली वीआईपी ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस रविवार की रात दो बजे दिल्ली पहुंच सकी। इस कारण यह गाड़ी सोमवार को दिल्ली से दो घंटे देरी से चल सकी। झांसी आने तक ट्रेन तीन घंटे लेट हो गई। इसी तरह निजामुद्दीन से आने वाली गतिमान एक्सप्रेस दो घंटे देरी से आईं।
ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का बुरा हाल रहा। वहीं, ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय में यात्रियों का जमघट लगा रहा। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए परमिट किया गया।
ये गाड़ियां लेट
दिल्ली की तरफ से रात के समय आने वाली 12190 अप महाकौशल एक्सप्रेस पांच घंटे, 12406 अप गोड़वाना एक्सप्रेस आठ घंटे, 12156 अप हबीबगंज एक्सप्रेस तीन घंटे, 12920 अप मालवा एक्सप्रेस पांच घंटे, 12628 अप कर्नाटक एक्सप्रेस पांच घंटे, 12622 अप तमिलनाडु एक्सप्रेस पांच घंटे, 11058 अप पठान कोट एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, 12722 अप सदर्न एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, 18238 अप छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे, 19666 उदयपुर खजुराहो इंटरसिटी साढ़े चार घंटे,12138 अप पंजाब मेल साढ़े चार घंटे, 12448 संपर्क क्रांति पांच घंटे, 18508 हीराकुंड एक्सप्रेस चार घंटे, 22416 विशाखापटनम एसी एक्सप्रेस तीन घंटे, 12808 समता एक्सप्रेस तीन घंटे, 22404 नई दिल्ली पांडुचेरी एक्सप्रेस लेट आई। इसी तरह वाराणसी से आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस चार घंटे, कानपुर की ओर से आने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस तीन घंटे, साबरमती एक्सप्रेस तीन घंटे आदि गाड़ियां लेट आईं।