हो हल्ले से दूर रही भोजला मंडी
झांसी। बुंदेलखंड महाविद्यालय में चुनाव के बाद मतगणना के चलते लोगों को खासी परेशानी होती थी। रास्ते बंद कर दिए थे और हर जाने वाले को रोक दिया जाता था। पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता था। ऐसे में भोजला मंडी में हुई मतगणना के चलते लोगाें को खासी राहत मिली।
जिले में होने वाले चुनावों के बाद बुंदेलखंड महाविद्यालय में मतगणना होती थी। बुंदेलखंड महाविद्यालय महानगर के बीचोबीच स्थित है। जिससे पुलिस के साथ प्रशासन को कड़ी व्यवस्थाएं जुटानी पड़तीं थीं। व्यवस्थाओें के साथ - साथ बीकेडी चौराहा से लेकर इलाइट चौैराहा, खंडेराव गेट मार्ग, ग्वालियर रोड और सर्किट हाउस की तरफ जाने वाले मार्गों पर बेरीकेडिंग लगाकर बंद कर दिया जाता था। ऐसेे में आम आदमी के आने जाने पर रोक लगा दी जाती थी। अधिकारियों से लेकर प्रत्याशी उनके एजेंट, पत्रकार व ड्यूटी करने वाले कर्मियोें को ही जाने की इजाजत मिल पाती थी। ऐसे मेें रास्ते बंद कर देने से आम आदमी को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
सुबह से ही बाहर व आसपास लोग जमा हो जाते थे और रुझान आने के साथ ही हो हल्ला शुरू हो जाता था। जीतने वाली पार्टी व प्रत्याशी के पक्ष में जमकर नारे लगते थे और शाम होते होते चारों तरफ से हल्ला और शोरगुल ही नजर आता था। बृहस्पतिवार को भोजला मंडी में यह नजारा देखने को नहीं मिला। दूरी के साथ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के चलते लोग नहीं पहुंचे। शांतिपूर्र्वक मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी अपने - अपने घर वापस चले गए।
बीकेडी पहुंच गए थे कई लोग
कई चुनावों की मतगणना का गवाह बना बुंदेलखंड महाविद्यालय का कोठारी हॉल बृहस्पतिवार को भी चर्चाओं में रहा। भले ही मतगणना भोजला मंडी परिसर मेें हो रही थी, लेकिन लोग बीकेडी को नहीं भूल सके। कई लोग ऐसे भी थे, जो रुझान जानने के लिए बीकेडी के पास पहुंच गए। कुछ देर यहां खड़े रहने के बाद चहल पहल देखकर शक हुआ। आसपास के लोगों से जानकारी के बाद पता चला कि मतगणना बीकेडी में नहीं बल्कि भोजला मंडी परिसर में हो रही है।