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बसपा के साथ से बढ़ा वोट बैंक, मगर नहीं मिल सकी सफलता

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बसपा के साथ से बढ़ा वोट बैंक, मगर नहीं मिल सकी सफलता
झांसी। लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन करने के बाद समाजवादी पार्टी को सफलता तो नहीं मिल सकी, लेकिन वोट बैंक जरूर बढ़ गया। साल 2014 के चुनाव में सपा प्रत्याशी डा. चंद्रपाल सिंह यादव को 385422 वोट मिले थे, जबकि श्याम सुंदर सिंह को 443598 वोट मिले। जो पिछले चुनाव से 58167 वोट ज्यादा हैं।
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साल 2014 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अकेले लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में डा. चंद्रपाल सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया गया और वह 385422 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस चुनाव में जीत का परचम लहराने वालीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने 575889 वोट पाकर डा. चंद्रपाल सिंह यादव को 190477 वोटों से हराया था। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी अनुराधा शर्मा को 213792 वोट मिले थे। उनको तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। इस लोकसभा चुनाव में सपा ने बसपा से गठबंधन कर लिया। पार्टी को उम्मीद थी कि बसपा के साथ आने से उनका वोट बैंक दोगुना हो जाएगा और जीत लगभग तय हो जाएगी। मगर, ऐसा संभव नहीं हो सका। गठबंधन से सपा का वोट बैंक तो बढ़ गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। हार का अंतर भी बढ़ गया। भाजपा के अनुराग शर्मा को 809272 वोट हासिल किए और उन्होंने श्याम सुंदर सिंह को 365674 वोटों से हरा दिया। पिछली बार के हार का अंतर भी 175197 वोट का हो गया। इस हिसाब से सपा के लिए यह गठबंधन फायदेमंद साबित नहीं हो सका।
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