दूषित खाना खाने से बालक की मौत
जानकारी के बाद जागा प्रशासन
पूराकलां के ग्राम चौबारा की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
पूराकलां (तालबेहट)।
मौसम के बदलते रुख के साथ बीमारियों की दस्तक शुरू हो गई है। इसके चलते थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम चौबारा में दूषित खाना खाने से एक आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई और आधा दर्जन से अधिक बीमार लोगों को सीएचसी तालबेहट लाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव गई।
शुक्रवार की रात में चौबारा निवासी सूरज सहरिया के परिजनों की हालत अचानक बिगड़ गई। जब तक आसपास के लोग बीमार लोगों को सीएचसी तालबेहट लाते तब तक आठ वर्षीय संजय पुत्र गप्पू सहरिया की घर पर ही मौत हो गई। इसके बाद सूरज 15 वर्ष पुत्र सरमन, रजनी 13 वर्ष पुत्री सरमन , हरकुंवर 48 वर्ष पत्नी सरमन को सीएचसी तालबेहट लाया गया। जहां सभी का उपचार किया गया।
एक बालक की मौत के बाद जागे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भिजवाया। जहां टीम ने गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों का उपचार किया। इसमें गिरजा पत्नी अनंदी, देविका पुत्री अनंदी सहित लोगों का उपचार किया।
दूषित सामग्री के सेवन से हुई मौत्
तालबेहट। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि गांव में गई टीम के अनुसार बीमार लोगों ने रात में मट्ठा और चावल का सेवन किया था। इसके दूषित होने से वह लोग बीमार हो गए। उनके अनुसार यदि डायरिया होता तो एक ही परिवार के अलावा अन्य लोगों में इसका प्रभाव दिखता।
बॉक्स में
तीन दिन से मरीज करा रहे थे झोलाछापों से उपचार
पूराकलां। जहां स्वास्थ्य विभाग इस मामलें में दूषित भोजन के सेवन की बात कह रहा है वही ग्रामीणों के अनुसार बीमार लोग तीन दिन से पूराकलां के झोलाछाप चिकित्सकों से अपना उपचार करा रहे थे। वही ग्रामीणों के अनुसार मटठा चावल दूषित नहीं होता है।