महानगर की 11 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढे
नगर निगम ने तैयार किया एस्टीमेट, जल्द होगा टेंडर
- 30 लाख रुपये आएगा खर्च, अक्तूबर में पूरा होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बरसात ने सड़कों की सूरत बदल दी है। ऐसी कोई सड़क नहीं है, जहां गड्ढे न हो गए हों। महानगर में 11 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढे हैं। कहीं कम हैं तो कहीं अधिक। सड़कों के गड्ढे दुरुस्त करने के लिए नगर निगम द्वारा तैयार किए गए एस्टीमेट में 30 लाख रुपये खर्च का अनुमान है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी और अक्तूबर में सड़कों के गड्ढे ठीक कर दिए जाएंगे।
महानगर में सड़कों का जाल फैला है। छोटी- बड़ी सब मिलाकर डामर की 54 किलोमीटर सड़कें हैं, जिनकी रिपेयरिंग व मेंटीनेंस का काम नगर निगम के जिम्मे है। जोरदार बरसात के कारण सड़कों की स्थिति बहुत खराब हो गई है। जलभराव के कारण अधिकांश सड़कें उखड़ गई हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री के आगमन की सुगबुगाहट होने पर आनन- फानन में सड़कों की रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया था, कुछ सड़कों के गड्ढे ठीक भी कर लिए गए थे, लेकिन बाकी सड़कों पर गड्ढे जस के तस बने हुए हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में नगर निगम के विभिन्न सड़कों का सर्वे कराया गया और गड्ढों की रिपेयरिंग करने का एस्टीमेट तैयार किया गया। अलग- अलग क्षेत्र की 11 किलोमीटर सड़क पर गड्ढे हैं। इन गड्ढों को सही कराने के लिए करीब 30 लाख रुपये खर्च का एस्टीमेट तैयार किया गया है।
नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराएंगे और अक्तूबर में सड़कों को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
डामरीकरण में आई तेजी
कचहरी चौराहा से जेल चौराहा और कचहरी से सदर बाजार चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण का काम रफ्तार पकड़ गया है। यह काम गर्मियों में पूरा होना था, लेकिन बिजली के खंभों की शिफ्टिंग नहीं होने के कारण काम अटका रहा। कुछ नालियां भी अधूरी थीं। बरसात के कारण भी काम में खलल पड़ा था। नालियों का काम पूरा हो जाने और बिजली की लाइन शिफ्ट होने और बरसात खत्म हो जाने के बाद अब काम ने रफ्तार पकड़ ली है। डामरीकरण का काम चल रहा है।
जीरा गिट्टी बनी मुसीबत
नगर आयुक्त ने सभी सड़कों पर फैली जीरा गिट्टी साफ कराने के निर्देश दिए थे, ताकि कोई दुर्घटना न हो। लेकिन, रिसाला चुंगी से मेडिकल कॉलेज मार्ग पर जीरा गिट्टी फैली पड़ी है। खासकर आरटीओ ऑफिस के आगे से सुधा नर्सिंग होम तक इतनी अधिक गिट्टी है कि यदि वाहन चालक ने जरा सी असावधानी बरती तो दुर्घटनाग्रस्त होना तय है।