यातायात व्यवस्था चौपट कर रहे पंचकुइयां रोड के होर्डिंग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। खंडेराव गेट से पंचकुइयां तिराहा होते हुए कोतवाली की ओर जाने वाली सड़क के दाईं ओर मानक और नियमों को ताक में रखकर तानी गई होर्डिंग यातायात के लिए बाधा बनी हुई हैं। इसके नीचे अतिक्रमण भी तेजी से पनप रहा है। आसपास कई और होर्डिंग भी इसी तरह तने हैं। इससे पंचकुइयां तिराहे पर कई बार ट्रैफिक जाम हो जाता है। लोगों को वाहन पार्किंग के लिए जगह भी नहीं मिलती। नगर निगम की अनदेखी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है।
खंडेराव गेट को शहर क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसी रास्ते से होकर शहर के बाजारों और बस्तियों में प्रवेश किया जाता है। यही वजह है कि खंडेराव गेट से कोतवाली तक के मार्ग पर दिनभर वाहनों का आवागमन रहता है। खंडेराव गेट से पंचकुइयां तिराहे तक डिवाइडर के दोनो और सड़क बीस - बीस फुट चौड़ी है और सड़क के किनारों पर चार - चार फुट के फुटपाथ हैं। एक ओर फुटपाथ पर दुकानों का अतिक्रमण और दुपहिया वाहन खड़े रहते हैं, तो दूसरी ओर होर्डिंग अतिक्रमण किए हुए हैं। स्थिति यह है कि यह होर्डिंग किले के मैदान की दीवार से चार - पांच फुट बाहर तक निकले हुए हैं। बिलकुल सड़क से सटा कर इनका स्ट्रक्चर लगा हुआ है। इन होर्डिंग की वजह से पहले से संकरी सड़क अब और भी संकरी हो गई है।
होर्डिंगों के नीचे अतिक्रमण भी तेजी से पनप रहा है। सबसे खराब स्थिति पंचकुइयां तिराहे पर है। पानी वाली धर्मशाला या शीतला माता मंदिर की ओर से आने वाले तिपहिया और चौपहिया वाहनों मोड़ना भी मुश्किल हो जाता है। यह बीच सड़क पर फंस जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। नगर निगम एक ओर तो पानी वाली धर्मशाला को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर धर्मशाला की ओर जाने वाले मार्ग पर दिक्कतों की अनदेखी कर रहा है।
अनदेखी से बढ़ रही होर्डिंग की संख्या
एक दशक पहले इस रोड पर होर्डिंग का नामोनिशान नहीं था। प्रचार के लिए किले की दीवार का उपयोग किया जाता था, इसका नगर निगम टैक्स वसूल करता था। लेकिन, अनदेखी के चलते साल दर साल होर्डिंगों की संख्या बढ़ती गई। वर्तमान में खंडेराव गेट से पंचकुइयां तिराहे के आगे तक दो दर्जन होर्डिंग के लोगों के स्ट्रक्चर लगे हुए हैं। यह भी बेतरतीब ढंग से लगाए गए हैं।
होर्डिंग हटने से फायदे
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- सड़क चौड़ी होगी
- वाहनों की पार्किंग के लिए जगह मिलेगी
- रानी का किला सड़क से स्पष्ट नजर आएगा
- अतिक्रमण की गुंजाइश नहीं रहेगी
- पानी वाली धर्मशाला व शीतला माता मंदिर की वाहनों का आवागमन आसान होगा।
होर्डिंग के नियम और मानक
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- होर्डिंग फुटपाथ पर नहीं लगा सकते हैं।
- ट्रैफिक में व्यवधान नहीं पड़ना चाहिये।
-बिजली के खंभों पर नहीं लगा सकते।
-खंभों पर कीऑस्क जमीन से तीन मीटर की ऊंचाई पर ही लगाए जा सकते हैं।
- किसी भी चौराहे से पचास मीटर की दूरी पर ही होर्डिंग लगाए जा सकते हैं।