सफाई में झांसी का प्रदेश में तीसरा स्थान बरकरार
झांसी। स्वच्छता में झांसी महानगर प्रदेश में अपना तीसरा स्थान बरकरार रखने में कामयाब रहा है। जबकि, प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी अपने स्थान पर कायम नहीं रह पाया है। महानगर की इस उपलब्धि पर बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में महापौर और मंडलायुक्त को सम्मानित किया गया।
भारत सरकार की ओर से प्रति वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है। इसमें महानगरों की साफ सफाई की स्थिति के हिसाब से उसकी रैंकिंग तय की जाती है। 2018 के सर्वेक्षण में झांसी महानगर को वाराणसी और गाजियाबाद के बाद प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल हुआ था। उल्लेखनीय है कि झांसी का तीसरे स्थान पर बरकरार रहना इस मामले में भी मायने रखता है कि पिछली साल पहले स्थान पर रहने वाला प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी पिछड़ कर इस बार दूसरे पर आ गया है। जबकि, दूसरे स्थान पर रहने वाला गाजियाबाद पहले पर पहुंच गया है। ऐसे में झांसी महानगर का अपनी जगह पर बने रहना महत्वपूर्ण है।
इस उपलब्धि पर बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में महापौर रामतीर्थ सिंघल, मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव, पूर्व नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया को सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान पत्र राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सौंपा।
ऐसे हुआ सर्वेक्षण
2019 में ये सर्वेक्षण भारत सरकार की एजेंसी क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा किया गया। 15 लोगों की टीम 10 दिनों तक यहां डेरा डाले रही। टीम ने प्रत्येक वार्ड में जाकर सफाई की हकीकत जानी। निजी और सार्वजनिक शौचालय की स्थिति देखी गई। नाले - नालियों का हाल जाना। रात में सड़कों की सफाई करने वाली मशीन की परख की गई। प्रत्येक वार्ड में नागरिकों से बातचीत कर सफाई की हकीकत का पता लगाया गया। उनसे पूछा गया कि पहले की तुलना में अब सफाई में कितना अंतर आया है, सफाई कर्मचारी नियमित आते हैं या नहीं, इसके अलावा अन्य सवाल भी पूछे गए।
प्लांट की रही भूमिका
सफाई में दबदबा बरकरार रहने में बड़ी भूमिका फीकल स्लम्स मैनेजमेंट प्लांट ने निभाई। घरों के सैप्टिक टैंकों से निकलने वाली गंदगी को पहले फेंक दिया जाता था, परंतु अब बिजौली में लगे इस प्लांट में ले जाई जाती है। यहां इससे खाद तैयार होती है। ये प्लांट अभी प्रदेश में किसी के निगम के पास नहीं है। टीम ने इसका भी सर्वे किया था।
आगे बढ़ने से चूके
स्वच्छता सर्वेक्षण में झांसी महानगर का प्रदेश में तीसरे स्थान पर कायम रहना उपलब्धि तो है, परंतु आगे न बढ़ पाने का मलाल भी है। जबकि, पिछले साल दूसरे पर रहने वाला गाजियाबाद इस बार पहले स्थान पर पहुंचा है। जानकारों के अनुसार शहर में आमतौर पर तो सफाई की स्थिति ठीक है, लेकिन अंदर के कई स्थानों पर हालत खराब है। मसलन, कोतवाली की ढाल, बड़ागांव गांव गेट रोड, उन्नाव गेट के पास जैसे ऐसे कई स्थान हैं, जहां कचरे के ढेर सालों से जमा हैं। सफाई होने के कुछ ही दिन बाद यहां गंदगी जमा हो जाती है।