झांसी। मंडल के धौलपुर- झांसी- बीना सेक्शन के मुख्य ट्रैक पर 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें चलाने की तैयारी चल रहीं हैं। इस अपग्रेडेशन के लिए रेल संरक्षा आयुक्त से मंजूरी मांगी गई है।
मंडल के धौलपुर- झांसी- बीना खंड राजधानी नई दिल्ली को देश के दक्षिण भाग से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस खंड पर रेल संरक्षा आयुक्त से उचित मंजूरी के उपरांत 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति को अपग्रेड किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी इस ट्रैक पर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चल रहीं हैं। झांसी से प्रयागराज खंड तथा झांसी- कानपुर खंड पर रेलगाड़ियां 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ रही हैं। रेल परिचालन में संरक्षा सदैव ही एक प्रमुख प्राथमिकता वाला क्षेत्र रहा है और इसे सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ ही आधुनिक तकनीकी उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमएस) का उपयोग करके पूरे मंडल में ट्रैक की स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन तकनीक का उपयोग उन पटरियों की खामियों की पहचान करने के लिए किया जाता है, जो आंखों से दिखाई नहीं देती हैं। जून के दौरान लगभग 678.55 किलोमीटर ट्रैक में दोष का पता लगाने के लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन तरीके से परीक्षण किया गया है।
इधर, माल गाड़ियों की औसत गति में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जून में मालगाड़ियां की औसत गति पिछले वर्ष 2019 की तुलना में 111 प्रतिशत अधिक रही। इस वर्ष जून माह में मालगाड़ियों की औसत गति 45 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही।