झांसी। हेल्थ पॉलिसी के नाम पर जालसाजों ने एक व्यक्ति के तेरह लाख रुपये हड़प लिए। साइबर क्राइम ने मामला दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
साइबर क्राइम में दिए प्रार्थना पत्र में इतवारी गंज निवासी सैय्यद कमर हैदर ने बताया कि उनके भाई सैय्यद शहंशाह हैदर आब्दी भेल में वरिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत थे। उनका निधन ग्यारह जुलाई को हो गया। देहांत के दो दिन पहले बताया था कि उन्होंने आईसीआईसीआई इंश्योरेंस बीमा कंपनी में आठ लाख रुपये की हेल्थ की टर्म पॉलिसी ले रखी है, जिसकी किस्तें वे बराबर अदा कर रहे हैं। विगत 20 अप्रैल को उनके पास एक कॉल आई, जो अपने आप को उक्त बीमा कंपनी का जनरल मैनेजर बता रहा था। उसने बताया कि वह दिल्ली मुख्यालय में बैठता है। इत्तफाक से उनकी पॉलिसी पर उनकी नजर पड़ गई। आपकी पॉलिसी तो बहुत पहले ही परिपक्व हो गई है। आपने निर्धारित से ज्यादा प्रीमियत जमा कर दी है। थोड़ी सी औपचारिकताएं पूरी करेंगे तो आपको 32 लाख रुपये मिल जाएंगे। वे उसके झांसे में आ गए। इसके लिए आपके पास लखनऊ ऑफिस में बैठने वाली मैनेजर कविता गुप्ता का फोन अगले दिन आएगा।
अगले दिन कविता गुप्ता ने फोन कर बताया कि आपकी जनरल मैनेजर ने बहुत तारीफ की है। आपको सिर्फ पांच हजार रुपये कानपुर में बैठने वाले उनके मैनेजर संतोष कुमार के खाते जमा करने हो गए। उन्होंने पांच हजार रुपये ई बैंकिंग से जमा कर दिए। अगले दिन दोबारा कविता का फोन आया और कहा कि आपको मैंने गलत रकम बता दी। साथ ही जेडीए लखनऊ में फ्लैट बुक करने का प्रलोभन देकर 80 हजार रुपये और जमा करा लिए। उनके भाई 24 जून को कोरोना पॉजिटिव होने पर आईसोलेशन वार्ड में भर्ती हो गए। यहां पर भी जालसाजों के फोन आते रहे। उनके भाई जालसाजों की बातों में फंसते गए और अलग- अलग तिथियों में ई बैकिंग के जरिये रकम भेजते रहे। करीब तेरह लाख रुपये उनके हड़प लिए गए। वे जब कानपुर ऑफिस पहुंचे तो पता लगा कि जालसाजों का गिरोह एक महीने से गायब है। जालसाजों ने एक कमरा किराए पर लेकर उसमें ऑफिस बना रखा था।