अंतरजनपदीय तबादलाें के तहत आए शिक्षकों की सोमवार को भी बीएसए कार्यालय में काउंसलिंग की गई। इस दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक और प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों समेत 112 शिक्षकों की काउंसलिंग की गई। उन्हें विद्यालय आवंटित किए गए।
इस दौरान दूर के विद्यालय मिलने पर महिला शिक्षकों ने बीएसए से गुहार लगाई। महिला शिक्षकों ने कहा कि दूर विद्यालय होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान महिला शिक्षक मायूस नजर आईं। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि मंगलवार को उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुरुष शिक्षक, प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और नगर क्षेत्र के सभी शिक्षकों की काउंसलिंग होगी।
उधर, विद्यालय आवंटन में मनमानी का उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया। इस मौके पर संघ के शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज़िलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित ने बताया कि स्थानांतरण से आए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची उनके प्राप्त भारांक के अवरोही क्रम में तैयार की जानी थी और भारांक समान होने पर जन्मतिथि के अवरोही क्रम और वह भी समान होने की दशा में अंग्रेज़ी वर्णमाला के अक्षर के क्रम में सूची बनानी थी, लेकिन ज़िला स्तर पर सूची इसके अनुरूप नहीं है।
साथ ही बंद एवं एकल विद्यालय को सूची में सम्मिलित न करने से बंद एवं एकल विद्यालयों में समस्या जस की तस है। छात्र संख्या एवं मानक को ध्यान में न रखकर विद्यालय आवंटन किए जा रहे हैं। ज़िला मंत्री चौधरी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि यदि अध्यापक प्राथमिक विद्यालय में तैनात है तो स्थानांतरित जनपद में उसे प्राथमिक विद्यालय एवं यदि अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात है, तो उसे उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात किए जाने का शासनादेश है।
उन्होंने विसंगतियां दूर करने की मांग की। इस मौके पर डॉ. अनिरुद्ध रावत, शिवकुमार पाराशर, अकील अहमद, देवी सिंह यादव, अरुण पटेल, अफ जल मोहम्मद, मनीष चौधरी, पंकज अग्रवाल, जितेंद्र त्रिपाठी, उमेश पाराशर, सुभाष यादव, शहजाद, सुधीर निरंजन, पीयूष अग्रवाल, पुष्पेंद्र तिवारी मौजूद रहे।