झांसी। तेल कंपनियों को होने वाले घाटे के चलते कंपनियाें ने पेट्रोल पंपों पर सप्लाई देने में कटौती कर दी है। जिससे झांसी में 10 से ज्यादा पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं। इससे लोगों को पेट्रोल- डीजल के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ जाने से कंपनियों को डीजल-पेट्रोल की बिक्री में घाटा हो रहा है। डीजल की बिक्री में कंपनियों को 15-20 रुपये और पेट्रोल में 10-15 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
जनपद में निजी कं पनियां जिनमें रिलायंस और एस्सार(नायरा) के पेट्रोल पंपों पर तेल की सप्लाई नहीं हो पा रही है। रिलायंस के एरिया मैनेजर गौरव ने बताया कि रिलायंस कंपनी के मुख्यालय स्तर से ही तेल की सप्लाई भेजने का निर्णय लिया जाता है। जिस कारण गाड़ी की सप्लाई आने में देरी हो रही है। हालांकि रिलायंस के पंपों पर गाड़ियां देरी से पहुंच रही हैं। जिस वजह से ड्रई की स्थिति आ रही है। लेकिन गाड़ियों के ऑर्डर लगे हुए हैं, जल्द ही गाड़ियां आ जाएंगी।
जनपद में लगभग डेढ़ लाख लीटर पेट्रोल और चार लाख लीटर डीजल की खपत होती है। इस हिसाब से देखा जाए तो बिजौली के रिलायंस पंप पर एक हफ्ते में 25 हजार लीटर पेट्रोल और 85 हजार लीटर डीजल की खपत होती है। इसके लिए पेट्रोल की दो गाड़ियां, डीजल की चार गाड़ियों की जरुरत होती है लेकिन आलम यह है कि इसकी आधी भी इनको नहीं मिल पा रही हैं। जिस वजह से दस से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो गया है।
झांसी पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव बब्बर ने बताया कि प्रतिदिन डेढ़ लाख लीटर पेट्रोल और चार लाख लीटर डीजल की खपत होती है। निजी पंपों पर सप्लाई न मिलने की वजह से सरकारी पंपों पर भार पड़ा है, ऐसे में आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल के पंपों पर 27 फीसदी बिक्री बढ़ गई है।
क्रे डिट लिमिट भी खत्म कर दी कंपनियों ने
पहले डिपो से डीजल और पेट्रोल उधार मिल जाता था, अब कंपनियों ने पंप संचालकों को उधार पेट्रोल देने से मना कर दिया है। जिस वजह से कई कारोबारियों को पंप संचालन में काफी दिक्कत हो रही है। पहले डिपो से संचालक तेल की गाड़ियां मंगवा लेते थे, अब उन्हें नकद जमा करने पर ही गाड़ी मिलती है।
यह है नियम
पेट्रोल पंपों पर ड्राई होने के बाद भी दो हजार लीटर पेट्रोल और छह हजार लीटर डीजल आकस्मिक सेवा के लिए बचा कर रखना पड़ता है। जिस वजह से पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को तो नहीं मिलता है लेकिन आकस्मिक व प्रशासनिक सेवाओं में लगे अधिकारियों के लिए पंपों पर तेल सुरक्षित रखा जाता है।