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रिटायर्ड प्रोफेसरों से हो सकती ‘नमस्ते’-Dehat

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रिटायर्ड प्रोफेसर हटाए जाएंगे
- यूनिवर्सिटी में निपट चुका नैक का निरीक्षण
- कई शिक्षक उपयोगी नहीं साबित हो पा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के निरीक्षण से पहले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में रखे गए रिटायर्ड प्रोफेसरों की अब विदाई हो सकती है। अच्छा मानदेय मिलने के बावजूद कई प्रोफेसरों से कोई आउटपुट न निकलने के चलते बीयू ऐसा कर सकता है।
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नैक की टीम ने वर्ष 2011 में बीयू में निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद नैक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत चल रहे विभागों में सीनियर फैकल्टी की कमी है। नैक के निरीक्षण के मद्देनजर राजभवन और शासन ने लखनऊ और बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी को ए ग्रेड लाने के लिए प्रयास करने को कहा। दोनों का विश्वास था कि विश्वविद्यालय इसमें कामयाब हो सकते हैं। इस पर तत्कालीन कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने नैक की रिपोर्ट 2011 की देखने के बाद कमियां दूर करने के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए। इसी क्रम में अक्तूबर 2015 में पर्यावरण, एजूकेशन, बेसिक साइंस, लाइफ साइंस, इंजीनियरिंग विभाग में एक-एक और एग्रीकल्चर में दो सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियुक्त कर लिया। एक विभाग में रिटायर्ड प्रोफेसर ने ज्वाइन नहीं किया। एक-दो विभागों को छोड़ दें, तो रिटायर्ड प्रोफेसर सिर्फ पद सृजन के काम आकर रह गए हैं। उनसे कोई आउटपुट नहीं निकल पा रहा है। लगभग 70 से 80 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देना पड़ रहा है। बीयू में अंदरखाने में यह चर्चा जोर पकड़ ली है कि नैक टीम का निरीक्षण हो चुका है और ए ग्रेड भी हाथ से फिसल गया है। इसलिए अब सेवानिवृत्त शिक्षकों की विदाई हो सकती है। परीक्षा नियंत्रक एवं कार्यवाहक कुलसचिव पीएन प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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